खड्डा। गंडक नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद नदी की एक धारा छितौनी तटबंध के ठोकर संख्या दो और तीन से टकरा रही है। दोनों प्रमुख ठोकरों पर दबाव बढ़ गया है और कटान की आशंका है। स्थिति को देखते हुए बाढ़ खंड ने बचाव सामग्री का स्टॉक शुरू कर दिया है। जालियों में सामग्री भरकर सुरक्षा घेरा तैयार करने की कवायद भी चल रही है।
छितौनी तटबंध 14.400 किलोमीटर लंबा है। इसके ठोकर संख्या तीन पर पिछले दिनों नदी की तेज धारा ने सुरक्षा के लिए लगाए गए ब्लॉक काट दिए थे। ठोकर के किनारे पीपल का एक पेड़ जड़ समेत नदी में गिरने के कगार पर पहुंच गया था, जिसे बाढ़ खंड ने किसी तरह सुरक्षित किया था। अब नदी की धारा दोबारा तेजी से ठोकर से टकरा रही है, जिससे कटाव की आशंका बढ़ गई है।
वहीं, ठोकर संख्या दो के नोज पर भी बैक रोलिंग के कारण तेज दबाव बना हुआ है। बाढ़ खंड द्वारा मिट्टी और पत्थर मौके पर जुटाए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके। दोनों ठोकर छितौनी तटबंध की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। बाढ़ खंड के एसडीओ संजय कुमार गौड ने बताया कि पानी ठोकर से टकरा जरूर रही है परंतु कटने का खतरा नहीं है। एहतियात के तौर पर बचाव सामग्री का स्टाॅक रखा जा रहा है ,ताकि जरूरत के समय तुरंत एक्शन लिया जा सके। संवाद