पडरौना। सहालग (शादी-विवाह) के सीजन में पुरुषों के फैशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक पेंट-शर्ट की तुलना में स्टायलिश और आरामदायक कुर्ता-पायजामा की मांग काफी बढ़ गई है। विशेषकर युवा पीढ़ी में इंडो-वेस्टर्न और डिजाइनर कुर्ते लोकप्रिय हो रहे हैं।
फरवरी के पहले सप्ताह से ही जिले में सहालग की धूम है। सहालग में लोगों की मांग को देखते हुए शहर के व्यापारी बीते दिसंबर में शुरू हुए खरमास में स्टाइलिस्ट कपड़ों की डिमांड कर चुके थे, खरमास उतरते ही कपड़ा व्यापारियों के गोदामों तक पहुंचने लगा था। शहर के कपड़ा व्यापारी प्रदीप चहाड़िया, रमेश अग्रवाल, जगदंबा टिबड़ेवाल आदि ने बताया कि दुकानों पर आने वाले ग्राहक शादियों पहनने के लिए स्टाइलिश कुर्ते, पायजामे के साथ नेहरू जैकेट या दुपट्टे की अधिक मांग कर रहे हैं। इसकी बिक्री भी खूब हो रही है। इन स्टाइलिश कपड़ों की मूल्य भी 700 से लेकर 5000 रुपये तक होने की वजह से लोग अधिक खरीद रहे हैं। वहीं कपड़ा व्यापारी सुधीर जायसवाल, सैफ अली, सुरेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि बाजार में सिल्क, ब्रोकेड और कॉटन के फैंसी कुर्ते भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा सदरी की मांग सर्वाधिक है। ग्राहकों की मांग को देखते हुए इन कपड़ों को पहले ही मंगा लिया गया था। वहीं दुकान पर खरीदारी कर रहे ठाढ़ीभार निवासी सुनील कुमार पांडेय, शिवपुर के राजेश जायसवाल, कल्याण छापर के पप्पू पांडेय ने बताया कि कुर्ता पायजामा आरामदायक होने के साथ-साथ इसका लुक स्टाइलिश और पारंपरिक दोनों लगता है। इसके चलते युवा इसको अधिक पसंद कर रहे हैं।