तमकुहीराज। राजस्व न्यायालय में एक पत्रावली के निस्तारण के दौरान अधिवक्ताओं को बिना सुने नियम को दरकिनार कर आदेश पारित करने से नाराज तमकुहीराज के अधिवक्ताओं और नायब तहसीलदार दुदही से बृहस्पतिवार को नोकझोंक हो गई। इससे तहसील कैंपस में अफरा-तफरी मच गई। अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार के ऐसे व्यवहार का विरोध करते हुए उनके कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया। अधिवक्ताओं के हंगामे को देखकर नायब तहसीलदार ने विवादित पत्रावली में जारी स्वयं के आदेश को स्थगित कर दिया। इसके बाद मामला शांत हुआ। इसको लेकर करीब 45 मिनट तक तहसील कैंपस में गहमा-गहमी का माहौल रहा।
नायब तहसीलदार दुदही कुंदन वर्मा के कार्यप्रणाली के खिलाफ बार संघ तमकुहीराज के अधिवक्ताओं की बैठक बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में सम्पन्न हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार पर मनमाने तरीके से विवादित पत्रावलियों में बिना अधिवक्ताओं को सुने नियम के खिलाफ आदेश पारित करने का आरोप लगाते हुए उनके कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताया। इसके बाद संघ के सदस्यों ने नायब तहसीलदार के इस कार्य व्यवहार की शिकायत उनके समक्ष जाकर दर्ज कराया। इस घटना में अधिवक्ताओं एवं नायब तहसीलदार के बीच नोकझोंक हुई। अधिवक्ताओं के हंगामे को देखते हुए नायब तहसीलदार बैकफुट पर आ गए और और पत्रावली में दिए गए आदेश को वापस ले लिया। इसके बाद नाराज अधिवक्ता शांत हुए। अधिवक्ताओं का आरोप था कि नायब तहसीलदार बिचौलियों के माध्यम से नायब तहसीलदार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे है, जिस पत्रावली में वे आदेश किए हैं उसमें बिना पक्षों एवं अधिवक्ता को सुने आदेश किया गया है। इसके चलते वह पत्रावली नहीं मिल रही है।