पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को जैव ऊर्जा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई। पराली प्रबंधन से जोड़कर किसानों को आय के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य समेत अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि जैव ऊर्जा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए किसानों, एफपीओ, इंडियन ऑयल एवं संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूर है। उन्होंने उप निदेशक कृषि को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों की सहभागिता कराएं, ताकि सीएनजी प्लांट के लिए पर्याप्त मात्रा में पराली उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि पराली का वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक उपयोग न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने तथा जैव ऊर्जा उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। बैठक में एफपीओ को बायोमास (पराली) की प्रत्यक्ष आपूर्ति का अधिकार देने, इंडियन ऑयल के साथ प्रत्यक्ष अनुबंध की व्यवस्था करने, बैंक की तरफ से सब्सिडी समायोजन, कैश क्रेडिट सुविधा उपलब्ध कराने और बिचौलियों की व्यवस्था समाप्त करने समेत कई बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान उपकृषि निदेशक अतींद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी एसके सिंह, डीएसओ गोपाल कृष्ण पांडेय आदि मौजूद रहे।