पडरौना। सर्दी सताने लगी है। मौसम में बदलाव के कारण लोग सर्दी-खांसी और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इलाज के बाद भी कई मरीजों को खांसी से निजात नहीं मिल रही है।
सप्ताह से अधिक खांसी रहने पर डॉक्टर बलगम की जांच व एक्सरे कराने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में एलर्जी के कारण भी लोगों को खांसी हो रही है। सीने में जकड़न के साथ ही लोग सांस की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। ऐसे में एहतियात के तौर पर उनके बलगम की भी जांच कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी इन दिनों सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रविवार को इमरजेंसी में सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज पहुंचे थे। कई मरीजों में सप्ताहभर से अधिक समय से खांसी आने की शिकायत है। ऐसे मरीजों को दवा देने के साथ ही डॉक्टर उन्हें बलगम की जांच और एक्सरे कराने की सलाह दे रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि इस मौसम में सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस बीमारी से हर उम्र के लोग पीड़ित हो रहे हैं। 35 प्लस उम्र के मरीजों में खांसी के साथ सांस लेने में तकलीफ और सीने में जकड़न की समस्या हो रही है। ऐसे मरीजों को दवा देने के साथ ही बलगम की जांच और एक्सरे कराने की सलाह दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि धूम्रपान करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। धूम्रपान करने वाले 20 प्रतिशत लोगों को सीओपीडी की बीमारी होती है। सीओपीडी मरीज के फेफड़ों में एक तरह रुकावट डालती है। इस बीमारी में फेफड़ों के भीतर की नलियां सिकुड़ जाती हैं और इसकी वजह से हवा ठीक तरह से बाहर नहीं निकल पाती। यदि खांसी आने के साथ ही सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो विशेषज्ञ की सलाह लें।