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Kushinagar News: हेलमेट पहना होता तो बच जाती 204 लोगों की जान

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बिना हेलमेट के बाइक चलाता व्य​क्ति।
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पडरौना। सड़क हादसे के दौरान सिर में लगी चोट मौत की सबसे बड़ी वजह बनती है। आंकड़े बताते हैं बीते एक वर्ष में 204 दोपहिया वाहन सवार लोगों की मौत सिर में गहरी चोट आने से हुई। यदि वे लोग हेलमेट लगाए होते तो इनकी जान बच सकती थी। यही नहीं बीते वर्ष हुई सड़क दुर्घटनाओं में चार पहिया वाहन चालकों की भी लापरवाही दिखी है।
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सीट बेल्ट नहीं लगाने से 19 लोगों ने जान गवाई हैं। इसको गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की तरफ से जागरूकता कार्यक्रम कर बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें और कार सवार सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित कर रही है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। लेकिन वाहन चालक स्वयं गंभीर नहीं हो रहे हैं। कुशीनगर से होकर करीब 87 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग-28 गुजरती है। इसके अलावा कुशीनगर से पडरौना के रास्ते छपुआ, पनियहवा से नेबुआ के रास्ते गोरखपुर, पडरौना से कप्तानगंज के रास्ते गोरखपुर तक एनएच-27 बी गुजरी है।
इसी तरह जिले में कई राज्य मार्ग हैं। यह सभी सड़क बेहतर तो हैं ही ग्रामीण सड़कें भी बेहतर है, जिनसे वाहन सवार फर्राटा भरते हैं। इन सड़कों पर वाहन चालक वाहनों की रफ्तार खूब तेज कर चलते हैं, लेकिन यातातयात नियमों का पालन नहीं करते हैं।
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यही वजह से रोजाना हाईवे के अलावा जिले के अन्य मार्गों पर हर दिन हादसे होते हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले एक साल के दौरान कुल जिले में 761 सड़क हादसे हुए, इनमें 482 लोग घायल हो गए, जबकि 463 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। हादसों में जो लोग जान गवां रहे हैं, उनमें बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों की संख्या सर्वाधिक है। बीते एक साल में 204 दो पहिया वाहन चालक ऐसे थे, जिनकी मौत सिर में गहरी चोट आने से हुई। हेलमेट न लगाने से उनको यह गहरी चोट आई, जबकि 209 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका लंबे समय तक इलाज हुआ तब जाकर वे ठीक हो सके। इनमें युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। बीते वर्ष हुई सड़क दुर्घटनाओं में चार पहिया वाहन चालकों की लापरवाही भी कम नहीं मिली है।
चार पहिया वाहनों से हुई दुर्घटनाओं में सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले 19 कार सवारों ने अपनी जान गवाई है, 32 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की तरफ से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाने के अलावा स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम करती है। इसके अलावा सीट बेल्ट और हेलमेट लगाने के लिए पुलिस सख्ती भी करती है।
चालान होते हैं, फिर भी लोग सीट बेल्ट और हेलमेट नहीं लगाते। कई दफा तो हेलमेट बाइक पर टंगा होता है, लेकिन पहनते नहीं हैं। यही वजह है कि हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने के बाद जान चली जाती है।
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