गुरवलिया बाजार (कुशीनगर)। वर्ष 2022 से प्रतिवर्ष फरवरी में पेश होने वाले प्रदेश सरकार के बजट में कुशीनगर के महात्मा बुद्ध कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था की गई है, लेकिन पढ़ाई के लिए 2024-2025 सत्र में शुरू हुआ प्रयास अबतक मूर्त रूप नहीं ले सका है।
जानकारों की मानें तो बजट में प्रावधान के साथ अगर शैक्षिक सत्र 2025-2026 में कृषि विषयों की पढ़ाई कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के तहत शुरू होती है तो महात्मा बुद्ध की इस धरा को और पहचान मिलेगी। कक्षाएं शुरू होने में अभी इसमें प्रचार-प्रसार की कमी दिख रही है। ऐसे में इस शैक्षिक सत्र में भी पढ़ाई शुरू होने के अरमान अधूरे होते दिख रहे हैं। जबकि, कृषि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य लिए अबतक सरकार ने तीन चरण में 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।
प्रदेश सरकार के अबतक के सबसे बड़े बजट में कुशीनगर कृषि विश्वविद्यालय के लिए धन की व्यवस्था की गई। इस बार विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए और 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। दो वर्ष पूर्व 22 फरवरी 2023 को जारी हुए प्रदेश सरकार के बजट में जिले में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय बनाने की घोषणा हुई थी और तब सरकार ने 50 करोड़ रुपये दिए थे।
तब इस विश्वविद्यालय की स्थापना का शोर गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान बभनौली में था। बाद में 27 जून 2023 को अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी के साथ जिलाधिकारी रमेश रंजन ने तीन जगहों का निरीक्षण किया था और कृषि विवि के स्थापना के लिए जगह और संभावना तलाशी। अगले ही दिन 28 जून को यूपी कैबिनेट ने गन्ना अनुसंधान की भूमि को निशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय ले लिया।