संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। दहेज के लिए हत्या कर दफनाया गया गीता का शव खराब हो गया था। इस लिए पोस्टमार्टम नहीं हो सका, जिसकी वजह से बिसरा सुरक्षित किया गया।
शव गीता का है या नहीं, इसका संशय दूर करने के लिए पुलिस ने डीएनए जांच कराने के लिए विवाहिता के माता-पिता को बुलाकर शुक्रवार को सैंपल निकलवाया। इस मामले में आरोपी पति को जेल भेजा गया है, वहीं 16 माह के मासूम युवराज को थाने पर लेकर आई पुलिस ने नाना-नानी को सुपुर्द कर दिया। लाश खोलने से लेकर डीएनए जांच के लिए सैंपल लेन की वीडियो ग्राफी कराई गई। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बलुआ गांव के टोला पोखरियहवां निवासी विशाल मौर्य उर्फ पिंटू ने छह मार्च को अपनी पत्नी गीता मौर्या (27) की हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए बोरे में भरकर सात मार्च की रात को घर से करीब 23 किमी दूर रामकोला क्षेत्र के छोटी गंडक नदी के किनारे पुरैनी घाट पर जमीन में दफन कर दिया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए विशाल ने मां चंद्रावती देवी से अहिरौली थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। विवेचक की लापरवाही के कारण आरोपी बचता रहा। एसपी तक मामला पहुंचा तो सक्रिय हुई पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन के आधार पर विशाल को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो सच्चाई सामने आ गई।
बृहस्पतिवार को पुलिस ने जमीन में दफनाए गए शव को पोस्टमार्टम के लिए निकलवाया। शव खराब हो गया और दुर्गंध उठने लगी थी, इसकी वजह से लोगों को वहां से हटना पड़ा। इसकी वजह से बिसरा सुरक्षित किया गया। पुलिस ने गीता के पिता और माता को मेडिकल कॉलेज बुलाया और डीएनए जांच के लिए सैंपल निकलवाया, ताकि आगे चलकर जांच में किसी तरह का कोई संशय न रहे।
शाम को पुलिस ने गीता के माता-पिता को थाने पर बुलाया और पड़ोसी के घर रखे गए 16 माह के युवराज को बुलाकर सुपुर्द कर दिया। कसया सीओ कुंदन सिंह ने बताया कि लाश कई दिन पुरानी होने की वजह से खराब हो गई थी। इस लिए पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बिसरा जांच के लिए भेजा गया है। ्