दहेज हत्या में पति, सास और ससुर को दस-दस साल की सजा
पडरौना। बरवापट्टी थानाक्षेत्र के रामपुर चौबे गांव के सेमरा टोला में दस वर्ष पहले हुई एक विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में बुधवार को न्यायालय ने फैसला सुना दिया। इस मामले में पति, सास और ससुर को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा।
अभियोजन पक्ष के सहायक शासकीय अधिवक्ता उपेंद्र पाठक ने बताया कि पटहेरवा थानाक्षेत्र के कोईलसवा बुजुर्ग गांव निवासी रामकेवल ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि 28 जून 2012 को उन्होंने बेटी कालिंदी की शादी बरवापट्टी थानाक्षेत्र के रामपुर चौबे गांव के सेमरा टोला निवासी अच्छेलाल से की थी। उनकी तरफ से आरोप लगाया गया था कि दहेज के लिए बेटी को प्रताड़ित किया जाता था। 28 अक्तूबर 2012 को कालिंदी के सिर पर लोहे से वार कर तथा गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। आरोप पति, सास और ससुर पर लगा था। पुलिस ने घटना की जांच के बाद दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया था।
उन्होंने बताया कि बुधवार को इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-4 रामइच्छुक यादव आठ गवाहों को सुनने तथा मेडिकल साक्ष्य के आधार पर पति अच्छेलाल, ससुर रामजतन और सास सुशीला को दोषी पाया तथा उन्हें दस-दस साल के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इन सभी को देवरिया जेल भेज दिया गया।