पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर-2 सत्यपाल सिंह प्रेमी की न्यायालय ने दुर्गेश तिवारी पुत्र सुधाकर तिवारी निवासी बलुअही थाना नेबुआ नौरंगिया जिला कुशीनगर को आत्महत्या के लिए उकसाने में 10 वर्ष कारावास और 50 हजार अर्थदंड से दंडित किया है।
वादी अनिल कुमार तिवारी पुत्र विष्णु प्रताप तिवारी निवासी ग्राम गुलरिहा थाना खड्डा जनपद कुशीनगर ने 26 मार्च 2015 को थाना नेबुआ नौरंगिया में तहरीर दी थी कि उसकी भांजी की शादी मई 2008 में ग्राम बलुअही के दुर्गेश पुत्र सुधाकर तिवारी से हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार हुईं थी। वादी के बहनोई हरिवंश शुक्ल निवासी ग्राम बकरुआ थाना एकौना जनपद देवरिया ने अपने क्षमता के अनुसार दान उपहार दिया था। उसकी भांजी प्रीति के ससुराल वाले उसका पति दुर्गेश, सास यशोदा, ससुर सुधाकर, जेठ अमीत, जेठानी तथा ननद पिंकी दान-दहेज से संतुष्ट नहीं थे। ससुराल वाले दहेज में मोटर साइकिल व एक लाख रुपये की मांग करते हुए प्रताड़ित किया करते थे। 25 मार्च 2015 को उसकी भांजी के ससुराल वाले उसकी भांजी के ऊपर मिट्टी का तेल गिराकर आग लगा दी, जिससे उसकी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में उसकी मौत हो गई।
इस मामले में दुर्गेश तिवारी पति, सुधाकर तिवारी ससुर, सास यशोदा देवी, अमित तिवारी व मनीष तिवारी निवासी ग्राम बलुअही थाना नेबुआ नौरंगिया जनपद कुशीनगर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर 2 सत्यपाल सिंह प्रेमी की न्यायालय में फैसला हुआ।
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