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‘संक्रमण के दौर से गुजर रही मानवता’

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महापरिनिर्वाण मंदिर में भगवान बुद्ध की विशेष पूजा अर्चना करते संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति? - फोटो : KUSHINAGAR
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‘संक्रमण के दौर से गुजर रही मानवता’
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डॉ. चिन्मय पांड्या बोले- अब गणना से अधिक हो गई हैं बीमारियां
कसया(कुशीनगर)। शांतिकुंज की स्थापना का मकसद मानव का आंतरिक रूपांतरण रहा है। व्यावसायिक वृत्ति मनुष्य के केंद्र में है। आंतरिक रूपांतरण व्यावसायिक वृत्ति से हमें बचाता है। ये बातें गायत्री परिवार के सहसंयोजक व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहीं।
वह सोमवार को बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर में गायत्री परिवार के अनुयायियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मानवता के लिए वर्तमान में भयानक समय चल रहा है। मनुष्य अपनी आस्था, मनुष्यता, संस्कृति आदि मूल लक्ष्य को भुला बैठा है। मनुष्य शारीरिक सुख भोग के लिए दौड़ रहा है। अब शरीर भी मनुष्य का साथ नहीं दे रही है, बीमारियां गणना से अधिक हो गई हैं।
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उन्होंने कहा कि मनुष्य का मन भी अपवित्र हो चुका है। उसकी शुचिता की कल्पना कठिन है। खुशियां भी कृत्रिम हो गई हैं। प्रकृति ही नहीं विचारों का वातावरण भी विषाक्त हो गया है। इसके पूर्व चिन्मय पांड्या का कॉलेज में स्वागत और अभिनंदन किया गया।
अध्यक्षता प्रभा शंकर दुबे और संचालन डॉ. गौरव तिवारी ने किया। संयोजन डॉ. निगम मौर्य व डॉ. त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने किया। प्राचार्य डॉ. सिद्धार्थ पांडेय ने आगंतुकों के प्रति आभार ज्ञापित किया।
इस मौके पर डॉ. डीएस तिवारी, पूर्व प्राचार्य डॉ. अमृतांशु कुमार शुक्ल, डॉ. सीमा त्रिपाठी, डॉ. अनुज कुमार, अयोध्या प्रसाद पांडेय, बीके सिंह, विनय कुमार, हरदयाल मिश्र, अतुल श्रीवास्तव, सुधाकर गुप्ता, सतीश गुप्ता, अजीत शर्मा, गोरख मिश्र, कृष्णा जायसवाल, जयप्रकाश सोनी, ज्ञान प्रकाश तिवारी, सुधीर कुमार वर्मा, नीलकमल दुबे, रेनू अग्रवाल, उर्मिला बरनवाल, शकुंतला मिश्रा आदि मौजूद रहीं।
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बुद्ध प्रतिमा की पूजा-अर्चना की
बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर में स्वागत व अभिनंदन समारोह से पूर्व सोमवार को गायत्री परिवार के सहसंयोजक डॉ. चिन्मय पांड्या महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचे। उन्होंने श्रीलंका बुद्ध विहार के बौद्ध भिक्षु नंदरतन की अगुवाई में भगवान बुद्ध की लेटी प्रतिमा के समक्ष ध्यान मुद्रा में बैठकर पूजा-अर्चना किया। विश्व शांति के लिए पाठ भी हुआ। उन्होंने मंदिर की प्राचीनता व ऐतिहासिकता आदि की जानकारी बौद्ध भिक्षुओं से प्राप्त की।
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बिहार सीमा पर किया गया स्वागत
तमकुहीराज। देव संस्कृति महाविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या का बिहार से आगमन के दौरान उत्तर प्रदेश सीमा पर स्वागत किया गया। लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
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सोमवार को बिहार के एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सड़क मार्ग से आ रहे देव संस्कृति महाविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या का टड़वा चौराहे के पास गायत्री परिवार के सदस्यों ने स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत डॉ. पांड्या ने गाड़ी से उतरकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान जिला संयोजक डॉ. डीएम त्रिपाठी, टोल प्लाजा के प्रबंधक ऋषिकेश सिंह, अखिलेश राय, हरदयाल मिश्र, नंदप्रकाश गुप्ता, डॉ. परशुराम शर्मा, रामप्रवेश राय, माला गुप्ता आदि मौजूद रहीं। संवाद
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