पडरौना। शहर के उदित नारायण पीजी कॉलेज के भूगोल विभाग में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की तरफ से गोष्ठी हुई। इसमें वस्तु, समाज, संस्कृति एवं पर्यावरण विषय पर चर्चा की गई।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर वीके ने कहा कि समाज, संस्कृति एवं पर्यावरण का अध्ययन प्रत्येक व्यक्ति के लिए जरूरी है। अरुणाचल प्रदेश के लोग प्रकृति के सबसे करीब रहते हैं। वहां के आदिवासियों का समाज संस्कृति एवं पर्यावरण के सन्निकट है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर मानव अपने अस्तित्व को कायम नहीं रख सकता है। इसलिए पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए वन का होना अत्यंत जरूरी है। विशिष्ट अतिथि डॉ. सीबी सिंह ने कहा कि प्रकृति की रक्षा करनी है तो बड़े पैमाने पर हो रहे वनों के कटान को रोकना होगा।
गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर ममता मणि त्रिपाठी और संचालन भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया। इस दौरान डॉ. रितुम्भरा मल्ल, संतोष यादव, डॉ. सरिता सिंह, रोशनी सिंह, राजन कुमार गौतम आदि मौजूद रहे।