पडरौना। त्याेहारों के दौरान शहर की सड़कों पर जाम लगना तो आम बात है, लेकिन अब तक शहर की सड़कें सहालग पर भी तंग होने लगी हैं। शहर के होटल-मैरिज हाॅल में मानक के अनुसार पार्किंग न होने से सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी हो रही हैं, जिससे लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ रहा है।
वैवाहिक समेत अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने आए लोग शाम को होटल-मैरिज हाल वाली सड़कों से जाने से कतराने लगे हैं। वहीं नगर पालिका परिषद की पार्किंग बनाने की योजना भी अधूरी पड़ी है।
15 जनवरी को खरमास खत्म होने के बाद से ही सहालग शुरू हो गया है। शहरों की करीब-करीब सभी प्रमुख सड़कों रोजाना शाम को डीजे, बैंड-बाजा के साथ बरात निकल रही है। रास्ते में तो लोग परेशान हो ही रहे हैं। वहीं मैरिज हाल के सामने सबसे अधिक जाम की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। सहालग शुरू होने के बाद से ही लोग जाम के डर से वाहनों से दूर पैदल चलने से भी कतराने लगे हैं। रामकोला रोड पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में दो होटल और दो मैरिज हाॅल हैं, वहां वाहनों की अधिकता होने के बाद टू-लेन की सड़क इतनी संकरी हो जाती है, जिससे शाम करीब सात बजे के बाद जाम की स्थिति हो जाती है। इसी तरह शहर के कोतवाली रोड स्थित रेलवे ढाला के पास एक होटल है। रेलवे समपार फाटक के पास रेलवे ने कुछ दिन पहले मरम्मत कार्य कराए थे, जिससे रेलवे लाइन पर बनी सड़क उखड़ गई है।
रेलवे लाइन पार करने में वाहनों की रफ्तार धीमी रहती है, जिससे पूरे दिन वहां जाम की समस्या बनी रहती है।
50 मीटर पहले ही होटल होने के चलते जब भी कोई बारात पहुंचती है तो सड़क के दोनों तरफ 500 मीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इस जाम में यदि कोई एक बार फंस गया तो उसे निकलने में घंटों लग जाते हैं। जिला मुख्यालय जाने वाली सड़क पर अगल-बगल दो होटल हैं। यहां सहालग के दौरान रोजाना जाम लग रहा है।
लोगों का कहना है कि शाम को इन होटल में बैंड बाजा के साथ नाचते-गाते बराती पहुंचते हैं। इसके अलावा इस होटल से करीब 60 मीटर पहले बड़ी गंडक नहर है। इसका पुल भी संकरा है। यदि इन होटलों के पास जाम लग गया तो उससे निकलने में लोगों को घंटों समय लग जाता है।