पडरौना। निजी अस्पतालों में मरीजों की मौत और अवैध तरीके से संचालन के मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग सख्त हुआ है। मौत की घटनाओं के बाद नाम बदलकर दोबारा अस्पताल संचालित करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा।
निजी अस्पतालों की सूची तैयार कराई जा रही है ताकि उनके बेरोकटोक संचालन पर लगाम लगे और इलाज में लापरवाही से होने वाली मौतों को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में बिना मानक, बिना विशेषज्ञ डाक्टर और बिना वैध पैरामेडिकल स्टाफ के दर्जनों निजी अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
जब भी किसी निजी अस्पताल में मरीज की मौत और हंगामा होता है तो स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही व नियमों की अनदेखी किए जाने का मामला उजागर होता है,ऐसे में विभाग के जिम्मेदार उस अस्पताल को सील कर देते हैं लेकिन इन निजी अस्पतालों के संचालक विभागीय मिलीभगत से कुछ दिनों बाद नियम-कायदे में कमी का फायदा उठाते हुए उसी भवन में किसी दूसरे व्यक्ति के नाम अथवा अस्पताल का नाम बदलकर नया रजिस्ट्रेशन हासिल कर मरीजों की जान से खिलवाड़ शुरू कर देते हैं।
निजी अस्पतालों में लगातार हो रही मौतों के बाद अब जिम्मेदारों की नींद खुली है। सीएमओ के निर्देश पर अब नए रजिस्ट्रेशन आवेदनों और हाल में खुले अस्पतालों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
सभी सीएचसी अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों से जुड़ी तथ्यात्मक जानकारी व भौतिक सत्यापन करने के आदेश दे दिए गए हैं। अब केवल नाम बदलकर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा। अस्पताल के भवन स्वामी,भूमि के रिकार्ड, संचालक के पैन कार्ड और आधार कार्ड की पूरी क्राॅस चेकिंग सील किए गए अस्पतालों के डाटा बेस से किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी व सील अस्पताल की जगह पर नाम बदलकर दूसरे नाम से अस्पताल संचालित करते हुए मिलेगा तो संचालक सहित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।