पडरौना। शहर के बड़ी गंडक नहर के किनारे संचालित निजी हॉस्पिटल में दूसरे से अल्ट्रासाउंड जांच कराने का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा कर दिया। डाॅक्टर के चेंबर में घुसकर विवाद किया। मामला बढ़ता देख डॉक्टर बाहर निकले तो मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान डाॅक्टर ने अपनी लाइसेंसी रिवाॅल्वर निकाल ली।
लोगों ने डॉक्टर की पिटाई कर रिवाॅल्वर छीन ली और कोतवाली पुलिस सौंप दिया। रिवाॅल्वर को कब्जे में लेकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। हॉस्पिटल में बवाल से मरीजों व तीमारदारों में अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
कसया थाना क्षेत्र के सिरसिया खेहिया छोटी निवासी संकल्प चतुर्वेदी हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। इनके पेट में पथरी की शिकायत है। वह अल्ट्रासाउंड जांच कराने पडरौना के बड़ी गंडक नहर पटरी पर संचालित किलकारी हॉस्पिटल में डाॅ. पल्लवी के पास सोमवार को नौ बजे आए। नंबर लगाने के बाद दोपहर में अल्ट्रासाउंड जांच हुई।
आरोप है कि अल्ट्रासाउंड जांच डॉ. पल्लवी खुद न कर दूसरे से कराई लेकिन रिपोर्ट पर डॉ. पल्लवी के हस्ताक्षर थे। संकल्प चतुर्वेदी ने कहा कि जिसने अल्ट्रासाउंड जांच की है, रिपोर्ट उसके नाम से जारी होनी चाहिए। इस बात पर हॉस्पिटल में मौजूद कुछ वर्कर उलझ गए और मामला बढ़ गया।
हालांकि, पुलिस ने हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी की जांच की तो पता चला कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को लेकर पहले डाॅ. कमलेश वर्मा के चेंबर में लोग गए और विवाद हुआ। इसके बाद डाॅक्टर वहां से हट गए। करीब एक घंटे तक लोगों ने स्थानीय होने की धौंस देकर हंगामा किया।
मामला बिगड़ता देख डॉक्टर हॉस्पिटल से बाहर निकले तो हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान डाॅ. कमलेश वर्मा ने अपनी लाइसेंसी रिवाॅल्वर निकाल कर तान दी। इससे अफरा-तफरी मच गई। इससे नाराज दूसरे पक्ष के लोगों ने डाॅक्टर की पिटाई कर रिवाॅल्वर छीन ली।
विवाद की सूचना पर कोतवाल और सुभाष चौक चौकी इंचार्ज पहुंचे। सीसी टीवी की फुटेज निकाली और डाॅक्टर और वहां मौजूद तीमारदार, स्टाफ से घटना की जानकारी ली। पूरे घटनाक्रम वीडियो हॉस्पिटल के सीसीटीवी कैमरे में कैद है। दोनों पक्षों के आरोपों के अलावा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।