हरेश पटेल की पत्नी लक्ष्मीना देवी को बुधवार को प्रसव पीड़ा हुई। हरेश उसे लेकर गांव के एक निजी अस्पताल गया, जहां महिला का नार्मल प्रसव हुआ। शाम को अस्पताल संचालक ने चार हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर प्रसूता और नवजात को बंधक बना लिया गया। आर्थिक तंगी से परेशान हरेश से एक महिला मिली और बेटे को गोदनामा के नाम पर 20 हजार में बेचने की बात कही।
कुशीनगर में गोदनामा के नाम पर बच्चा बेचने का मामला प्रकाश में आया है। प्रसव के बाद रुपये नहीं देने पर एक अस्पताल संचालक ने प्रसूता व नवजात को बंधक बना लिया। आर्थिक तंगी से परेशान पिता ने एक दलाल के माध्यम से 20 हजार में अपनी औलाद को बिहार के किसी शख्स के हाथ बेचा है।
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गांव में इसकी चर्चा हुई तो पिता से लोगों ने पूछा। इस पर उसकी आंखें भर आईं और बोला कि पत्नी को अस्पताल से छुड़ाने के लिए मेरे पास कोई और चारा नहीं था। भला औलाद को दूसरे के हाथों क्यों देता, पीड़ित के अनुसार हालांकि बच्चे को खरीदने वाल तमकुहीराज तहसील बुलाकर पीड़ित को ले गए और स्टांप पर हस्ताक्षर कराने के बाद कहा कि कोई पूछेगा तो बताना कि गोदनामा किया है।
इसकी जानकारी होने के बाद प्रसूता के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालांकि सूचना के बाद भी स्थानीय पुलिस निष्क्रिय है। बरवा पट्टी थाना क्षेत्र के दशहवा भेड़िहारी गांव निवासी हरेश पटेल की पत्नी लक्ष्मीना देवी को बुधवार को प्रसव पीड़ा हुई। हरेश उसे लेकर गांव के एक निजी अस्पताल गया, जहां महिला का नार्मल प्रसव हुआ।
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शाम को अस्पताल संचालक ने चार हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर प्रसूता और नवजात को बंधक बना लिया गया। आर्थिक तंगी से परेशान हरेश से एक महिला मिली और बेटे को गोदनामा के नाम पर 20 हजार में बेचने की बात कही।
पूरी रात परेशान हरेश को कुछ नहीं सूझा तो बृहस्पतिवार सुबह अपने पांचवें नंबर के दो वर्षीय बेटे राजा को बिहार के एक शख्स के हाथों 20 हजार में बेच दिया और पत्नी को अस्पताल से लेकर घर आया।
छोटा बच्चा नहीं दिखा तो लक्ष्मीना को पूरी बात हरेश ने बताई। इसके बाद से लक्ष्मीना के आंसू नहीं रुक रहे हैं। धीरे-धीरे यह बात गांव में फैल गई। पीड़ित ने बताया कि तमकुहीराज तहसील में लेकर महिला गई थी। वहीं पर बिहार का रहने वाला शख्स चार पहिया वाहन से आया और बच्चे को कार में ले गया।
इससे पहले स्टांप पर अंगूठा लगवाया और बोला कि कोई पूछे तो कह देना कि एक रिश्तेदार को बच्चे को गोदनामा दिया है। गांव वालों ने इसकी जानकारी बरवा पट्टी थानाध्यक्ष को दी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
एएसपी उत्तरी दक्षिणी अभिवन त्यागी ने बताया कि मामला गंभीर है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है। इसकी जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
खाकी में कौन गया, सिपाही या कोई और
गांव में बच्चा बेचने का शोर मचा तो एक सिपाही पीड़ित के घर बाइक से पहुंचा और कार्रवाई की धौंस देकर पांच हजार रुपये लेकर चला गया। पीड़ित ने गांव वालों से शुक्रवार की शाम यह बात कही। सिपाही की इस करतूत की चर्चा गांव वालों में भी है। लक्ष्मीना बच्चे को घर लाने की जिद पर अड़ी है, लेकिन रुपये खर्च होने के चलते पति बच्चे को लाने में असमर्थता जता रहा है।
गांव वालों ने बताया कि छठवें बच्चे को लक्ष्मीना ने जन्म दिया है। परिवार की आर्थिक हालत बहुत कमजोर है। दो वक्त की रोटी भी सही से नहीं मिलता है।