तमकुहीरोड। एक फरवरी को वर्ष 2025-2026 का केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। इसमें रेल बजट भी शामिल है। इस वर्ष के बजट से तमकुहीरोड के लोगों को काफी उम्मीदें हैं, पिछले बजट में तमकुहीरोड-छितौनी रेल मार्ग के लिए केंद्र सरकार ने दस करोड़ का प्रावधान कर इस परियोजना को संजीवनी दी।
इसके सापेक्ष पिपरासी प्रखंड के नैनहा सरेह में पुल निर्माण का कार्य भी प्रारंभ किया गया था। लोगों को उम्मीद है कि इस साल भी केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए पर्याप्त धन आवंटित किया जाएगा। तमकुहीरोड से छितौनी के बीच दियारा क्षेत्र को रेल यातायात एवं विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए 20 फरवरी 2007 को तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने छितौनी के हायर सेकेंडरी स्कूल में 62.5 किमी लंबी रेल परियोजना की आधारशिला रखी थी। इसके तहत 173.98 एकड़ भूमि का अधिग्रहण के साथ 35.70 लाख घन मीटर मिट्टी का कार्य, 10 बड़े और 47 छोटे पुलों का निर्माण कराया जाना था। साथ ही तमकुहीरोड से छितौनी के बीच पिपरही, खैरा टोला, धनहा, धुबनी, जटहा पांच रेलवे स्टेशनों के निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित था।
लेकिन लालू के रेलमंत्री से हटने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने में अन्य रेलमंत्रियों ने रुचि नहीं दिखाई। इसके चलते यह परियोजना पिछले 18 सालों से अधर में लटकी है। जबकि, साल दर साल इस क्षेत्र के लोग इस परियोजना को पूरा कराए जाने की मांग करते चले आ रहे है।
2024-25 के बजट में केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए दस करोड़ की धनराशि का प्रावधान करके इसे संजीवनी दी। इसके बाद पिपरासी प्रखंड के नैनहा सरेह में पुल निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। इसके बाद लोगों में एक बार फिर परियोजना के पूरा होने की उम्मीद जगी है।
पिछले 18 वर्षों से इस परियोजना के पूरा होने की राह देख रहे तमकुहीरोड के लोगों का कहना है कि तमकुहीरोड के साथ दियारा क्षेत्र के विकास के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। इसके पूरा हो जाने से इस क्षेत्र के विकास को न केवल एक नया आयाम मिल जाएगा, बल्कि बाढ़ से मुक्ति मिल जाएगी और व्यापारिक गतिविधियों को पंख लग जाएंगे।
अब जब एक फरवरी को केंद्रीय बजट आने वाला है और उसमें रेल बजट भी शामिल होगा तो क्षेत्र के अशोक कुमार वर्मा, मुकेश कुमार, जयंत जायसवाल, राहुल सोनी, दिवाकर दत्त सहित अन्य लोगों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार नए बजट में इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त धन आवंटित करेंगी। इससे इस क्षेत्र के विकास का पर्याय कही जाने वाली परियोजना के पूरा होने का मार्ग प्रशस्त होगा।