मंसाछापर। आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में शासन की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के पोषण वितरण लाभार्थियों का डाटा फीडिंग कार्य में शून्य प्रगति और अन्य कार्यों में लापरवाही बरतने पर 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है।
सीडीपीओ पूजा रानी ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।सीडीओ गुंजन द्विवेदी ने आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा में बाल विकास परियोजना विभाग की समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यों में फिसड्डी साबित हुई थीं और पोषण वितरण के तहत लाभार्थियों का ऑनलाइन डेटा शून्य मिला। इस पर वे नाराजगी जताई थीं।
बाल विकास परियोजना अधिकारी पूजा रानी ने बताया कि कई बार निर्देश देने के बावजूद संबंधित कार्यकर्ताओं द्वारा पोषाहार वितरण, बच्चों का वजन, गृह भ्रमण और अति कुपोषित बच्चों से संबंधित विवरण की डेटा फीडिंग नहीं की गई। बार-बार चेतावनी के बावजूद 100 प्रतिशत फीडिंग नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि पोषण वितरण के तहत लाभार्थियों का डेटा ऑनलाइन की प्रगति शून्य मिलने पर बबुइयां हरपुर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ऊषा मिश्रा और सोनी श्रीवास्तव, नरचोचवां की रेनू सिंह व किरण देवी, धौरहरा की पूजा देवी, घूरछपरा की राजकुमारी, कंठिछपरा की कुसुम देवी, बेतिया गांव की प्रभावती देवी, चिरवहियां की मिंती देवी, परगन मठियां की आशा गौतम, सोनवल की मीना कुमारी, नंदलालछपरा की प्रमिला यादव, गोईती बुजुर्ग की सुमन, नरहरिया की शोभा राय, सिसवां गोईती की किरण, खजुरिया की आरती, पटेरा बुजुर्ग की संगीता देवी सहित कुल 20 कार्यकर्ता का मानदेय रोकते हुए उनके विरुद्ध नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है।
सीडीपीओ पूजा रानी ने बताया कि संतोषजनक जवाब मिलने पर ही आगे की कार्यवाही पर विचार किया जाएगा। इस कार्रवाई से अन्य केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।