मेडिकल कालेज में मरीजो को इलाज करते चिकित्सक।संवाद
पडरौना। चार दिनों से दिन में गर्मी और रात में गुलाबी ठंड पड़ रही है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। थोड़ी सी लापरवाही पर लोगों को सर्दी, जुकाम, बुखार और पेट में दर्द की शिकायत हो रही है। मौसम में बदलाव के चलते अस्पताल में बुजुर्ग, नौजवान सहित बच्चे व गर्भवती महिलाएं की संख्या बढ़ गई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। डॉक्टर दवा के साथ लोगों को सुबह-शाम ठंड से बचने की सलाह दे रहे हैं।
बीते करीब एक सप्ताह से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके चलते अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ रही है। बृहस्पतिवार को हालत यह थी कि पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी व दवा वितरण कक्ष तक लोगों की भीड़ लगी रही। मेडिकल कॉलेज में मेडिसीन विभाग में करीब 300 मरीज पहुंचे। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. उपेंद्र चौधरी ने बताया कि इस समय प्रतिदिन 150 से 200 मरीज सर्दी, बुखार, पेट दर्द, डायरिया के आ रहे हैं। यह मौसम परिवर्तन की देन है।
उन्होंने कहा कि अचानक मौसम में गर्माहट बढ़ गई है। इससे अधिकतर लोगों ने सुबह-शाम गर्म कपड़ा पहनना बंद कर दिया है। इसका असर इनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश वर्मा ने बताया कि मौसम में बदलाव होने के चलते 70 से 100 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। बच्चों में सबसे अधिक खांसी, बुखार, सर्दी व डायरिया की समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि स्तनपान कराने वाली माताएं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें और पानी खूब पिएं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रूचिका सिंह ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खांसी, जुकाम का असर गर्भस्थ शिशुओं पर भी पड़ेगा। खांसी से अन्य बीमारियां भी बढ़ेंगी।
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ऐसे करें बचाव
- बच्चों को ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन न करने देंं।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोटीन युक्त आहार व मौसमी फल व सब्जी का सेवन करें।
- घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
- बच्चों को खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों को खाने से रोकें।
- सर्दी, जुखाम से पीड़ित लोगों को बच्चों से दूर रखें। ठंडी हवा के संपर्क से बचाव करें।