पडरौना। महाशिवरात्रि पर रविवार की भोर से ही शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लग गया। शिवमंदिरों में बेलपत्र, भांग, धतूर, पुष्प सहित विभिन्न सामग्री के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे दिन प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन चलता रहा।
फाल्गुन मास की कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि के लिए शिवालयों में भव्य तैयारियां की गई थीं। पडरौना नगर के छावनी मोहल्ले के प्राचीन भारतीय शिवाला, बेलवा चुंगी में जगदीशपुरम, रामलीला मैदान, वाल्मीकिनगर, कसेरा टोला आदि मोहल्लों के लोगों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा नगर के भन्नुनाथ शिवमंदिर, लमुहा शिवमंदिर, लखरांव मंदिर, बुढ़िया माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। इसी तरह बालखंडी स्थान, करहिया शिवमंदिर, सखवनिया, शिवपुर, मैनपुर कोट, मल्लूडीह, कसया, राजापाकड़ के शिवमंदिरों में भी दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। मंदिरों में लगे मेले में बच्चों ने खिलौने और अन्य सामान खरीदे।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार, सेवरही क्षेत्र के बाबा पंचेश्वरनाथ शिव मंदिर शिवाघाट, विश्वकर्मा शिव मंदिर जवाहर नगर, पोखरा शिव मंदिर, जीन बाबा का स्थान, रामजानकी शिव मंदिर गांधी नगर, गल्ला मंडी, राजेंद्रनगर, जोगनी राजपुर बगहा, अहिरौलीदान, राजपुर खाश, जगदीश पुर, परसा, कतौरा, रकबा दुलमापट्टी, जंगलीपट्टी, मिश्रौली, अहिरौली मिश्र, गंडक कालोनी सहित अन्य सभी मंदिरों में सुबह से ही शिव भक्तों के आने का तांता लगा रहा। ग्रामीण क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने बांसी व गंडक नदी में स्नान कर मंदिरों में पूजा पाठ और दान-पुण्य किया। कई शिवालय परिसर में भजन कीर्तन व भंडारे का आयोजन किया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पिपराघाट संवाद के अनुसार, क्षेत्र के पिरोजहां शिव मंदिर, बैजूपट्टी शिव मंदिर, राजपुर बगहा शिव मंदिर और भगवानपुर शिव मंदिर में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के बाद मंदिर परिसर में लगे मेला में लोगों ने खरीदारी की।
रामकोला संवाद के अनुसार, क्षेत्र के धर्मसमधा, विश्व दर्शन मंदिर और अमवा स्थित शिवमंदिर समेत अन्य सभी शिव मंदिरों में आस्था और भक्ति की अद्भुत छटा देखने को मिली। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे। लोगों ने विधि-विधान के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
डिबनी बंजरवा संवाद के अनुसार, क्षेत्र के सियारह गांव के प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यहां शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान रहा। सियारह शिव मंदिर कई सौ वर्ष पुराना और चमत्कारी माना जाता है।
लक्ष्मीगंज संवाद के अनुसार, बाजार के शिव मंदिर समेत क्षेत्र के रामपुर दहाउर चौराहा स्थित शिव मंदिर, खोटही बाजार स्थित शिव मंदिर पर सुबह से ही भक्तों की जलाभिषेक के लिए भीड़ लगी थी। भक्तों ने मंदिर के अलावा अपने घरों में रुद्राभिषेक भी किया। मान्यता है कि शिवरात्रि को शिव और शक्ति परिणय सूत्र में बंधे थे और भगवान शिव ने ‘’अग्निलिंगम’’ (अग्नि स्तंभ) के रूप में स्वयं को प्रकट किया था। इसका वैज्ञानिक महत्व यह है कि इस रात उत्तरी गोलार्द्ध में ग्रह इस तरह स्थित होते हैं कि मनुष्य के शरीर में ऊर्जा का स्तर स्वाभाविक रूप से बढ़ता है, जिससे ध्यान लगाना आसान होता है।
मथौली संवाद के अनुसार, कस्बा स्थित शिव मंदिर समेत सिरसिया, खैरेटवा चौराहा, बेलवा, सुदामा, गौनरिया, सतभरिया, अथरहा और गंभीरपुर गांव के शिव मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया
सिंधुआ शिव मंदिर में जलाभिषेक करती महिलाएं।स्रोत-सोशल मीडिया