पडरौना। ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ऊर्जा बाजार में हलचल मचा दी है। सात समंदर पार छिड़े इस संघर्ष का असर जिले की रसोई तक पहुंचता दिख रहा है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने की आंशका ने घरेलू गैस सिलिंडरों की सहज उपलब्धता में अड़चन बना हुआ है। ऐसे में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस लेने के लिए गैस एजेंसियों पर लंबी लाइन लग रही है। वहीं, सहालग व त्योहारों के चलते भी गैस की खपत बढ़ी हुई है।
मालूम हो कि बीते 28 फरवरी से ईरान-इस्राइल व अमेरिका के बीच तनातनी व संघर्ष चल रहा है। इसके चलते पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही है। इसको लेकर गैस एजेंसियों पर गैस की आने वाली गाड़ियां एक सप्ताह में पहुंच रही हैं। जबकि खपत प्रतिदिन एक गाड़ी की है। ऐसे हालात में उपभोक्ताओं की संख्या अधिक और गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम पड़ जा रही है। इससे दिक्कतें सामने आ रही हैं। वही, घरेलू गैस उपयोग करने वाले ग्राहकों की इसमें मुसीबत और बढ़ गई है,उन्हें गैस लेने के लिए एजेंसियों पर सुबह से ही पहुंचकर लाइन लगानी पड़ रही है,इसके बावजूद भी नहीं मिल रहा है।
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एचपी कंपनी के एलपीजी गैस सिलिंडर की सप्लाई चेन में कुछ कमी आई है। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इंडेन और भारत एलपीजी गैस सप्लाई में कमी नहीं है। गैस सुलभ है। गैस की कालाबाजारी सामने आएगी तो संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र सिन्हा, विपणन अधिकारी,कप्तानगंज
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एक सप्ताह में पहुंची गाड़ी
तरयासुजान क्षेत्र के गैस एजेंसी मालिक विजय पांडेय ने बताया कि गैस सिलिंडर की गाड़ी एक सप्ताह में पहुंची है। मौजूद उपभोक्ताओं को गैस दे दिया गया। उपभोक्ता अजीत कुमार, पंकज मिश्रा, दिनेश कुमार, संजय कुमार, रमेश प्रसाद ने कहा कि सिलिंडर की किल्लत से 10 वर्ष पूर्व की याद ताजा हो गई है।
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संघर्ष से बिगड़ रही आपूर्ति
जिले के बोदरवार क्षेत्र में मंसूरगंज सहित आसपास एचपी, भारत और इंडेन एलपीजी गैस की कई एजेंसियां संचालित हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर की किल्लत महसूस नहीं हो रही थी। ईरान, इस्राइल अमेरिका के बीच तनातनी व बमबारी के चलते आपूर्ति तो हो रही है लेकिन खपत से कम। इसके चलते उपभोक्ताओं को गैस के लिए लाइन में खड़ा होकर लेना पड़ रहा है।
कसया में गैस के लिए इंतजार करते लोग। संवाद