पडरौना। एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए 35 एकड़ किसानों की जमीन प्रशासन ने अधिग्रहित कराने के बाद कब्जा दिला दिया है, लेकिन अधिकांश किसानों ने अब तक मुआवजा नहीं लिया है। वे नई सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर लंबे समय से चली आ रही लड़ाई हाईकोर्ट तक पहुंची थी। हालांकि, किसानों के पक्ष में फैसला नहीं आया। पक्ष और विपक्ष के नेता भी प्रशासन से किसानों की जमीन के उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। सीएम तक यह मामला पहुंच चुका है, बावजूद इसके प्रशासन चीनी मिल के पक्ष में अडिग है। मंगलवार को दो घंटे तक गुरिल्ला युद्ध चला और अफरा-तफरी का माहौल रहा।
जमीन की उचित मुआवजा मांगने वाले किसानों पर मुकदमा दर्ज हो रहा है। मंगलवार को दोपहर में चीनी मिल के कर्मचारियों-मजदूरों की मदद से जमीन को कब्जे में लेने के लिए कटरैन से घेरवाया जा रहा था। इसकी जानकारी जब गांव के किसानों को मिली तो महिलाएं, पुरुष, युवक और युवतियां लाठी-डंडे लेकर खेत में पहुंच गए। किसानों को देख चीनी मिलकर्मी और मजदूर ईंट चलाने लगे। दोनों तरफ से खेत में ईंट चलने लगे। करीब दो घंटे तक दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थर चलते रहे। किसानों ने कटरैन तो उखाड़कर फेंक दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। किसानों के साथ साथ मिलकर्मियों को भी चोटें आई हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन के सह पर चीनी मिल कर्मी किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। किसान इससे डरने वाले नहीं है। जमीन का जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा। तब तक किसी भी कीमत पर जमीन नहीं देंगे। दोपहर 12 बजे से करीब दो बजे तक विवाद चला। सूचना के बाद भी पुलिस एक घंटे देरी से पहुंची। इसको लेकर किसानों में आक्रोश है। पुलिस प्रशासन इसको गंभीरता से नहीं लिया तो किसी न किसी दिन मामला बिगड़ सकता है।
एडीएम प्रशासन वैभव मिश्रा ने बताया कि जमीन अधिग्रहित कर लिया गया है। चीनी मिल को कब्जा दिला दिया गया है। किसानों को मुआवजा देने के लिए तहसील में कैंप लगाया गया है। कुछ किसानों ने मुआवजे के लिए आवेदन भी किया है। किसान बेवजह विवाद कर रहे हैं।
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद