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Kushinagar News: बिहार सीमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, शालिग्राम शिला के लिए टिकी रहीं लोगों की निगाहें

Wed, 01 Feb 2023 10:33 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।

सार

स्थानीय तहसील प्रशासन ने शालिग्राम शिलाओं को लेकर चल रहे वाहन और अथितियों का सलेमगढ़ टोल प्लाजा पर भव्य स्वागत किया। हाथी से आगवानी और फूल मालाओं से आगंतुकों का स्वागत हुआ। विद्वत ब्राह्मण समूह वैदिक मंत्रों की ध्वनि से पूरे माहौल को पवित्र किया गया।
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शालिग्राम शिलाओं का दर्शन करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए नेपाल के जनकपुर से अयोध्या जा रही शालिग्राम शिलाओं का दर्शन करने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को यूपी-बिहार सीमा के बहादुर से लेकर तमकुहीराज तक हर पीढ़ी श्रद्धा में डूबी नजर आई। सड़क पर सुबह से बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाओं सहित अन्य लोग जुटे रहे। शिला के दर्शन के इंतजार में लोगों के पांव नहीं थके। देर शाम को जब शिलाएं हाईवे पर गुजरीं तो वहां जय श्रीराम का जयघोष गूंज उठा।

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जनकपुर से अयोध्या जा रहीं शालिग्राम की दोनों शिलाओं के मंगलवार को यूपी में प्रवेश करने की जानकारी सबको हो गई थी। इसलिए शिलाओं के स्वागत की तैयारी जगह-जगह कर ली गई। बड़ी संख्या में लोग बार्डर पर पहुंच गए। दोपहर बाद सड़कों के किनारे कारवां बढ़ता चला गया। बिना किसी न्यौते के लोग बड़ी संख्या में सड़कों के किनारे जुट गए। शालिग्राम शिलाओं के आने पर अक्षत चढ़ाकर उनकी पूजा करने के लिए बहुओं से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक में उत्सुका दिखी।

लोगों में शिलाओं के दर्शन की व्याकुलता झलक रही थी। किसी भी बड़े ट्रक के गुजरने पर लोग उसकी तरफ उन्मुख हो जाते थे। इस दौरान किसी तरह का विभेद नजर आ रहा था। न ही किसी के बीच कोई अलग भावना। शाम करीब सात बजे के बाद जब यूपी में शिलाएं पहुंचीं तो हर कोई भक्ति में डूब गया। हर कोई शिलाओं के दर्शन करके धन्य होना चाहता था।
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हर कोई एक नजर उनको देख लेना चाहता था। हर कोई श्रद्धा के फूल अर्पित करके श्रीराम और जानकी के दर्शन पाना चाहता था। शिलाओं के गुजरने पर लोगों ने कहा कि देवी सीता से ब्याह करके श्रीराम इसी राह से गए थे। मधुरिया में उन्होंने नदी पार की थी। असंख्य पीढ़ियों की तपस्या से हमें यह फल मिला है कि हम उस शिलाओं के दर्शन कर पा रहे हैं, जिनसे श्रीराम और देवी जानकी की प्रतिमाएं बनेंगी।

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