पडरौना। शहर के रामकोला रोड के पास शुक्रवार को अखिल भारतीय गोंड आदिवासी संघ की तरफ से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाराजा शंकर शाह एवं उनके सुपुत्र रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस मनाया गया। संगठन के लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि गिरजेश प्रसाद गोंड ने कहा कि महाराजा शंकर शाह एवं कंवर रघुनाथ शाह ने 1857 ई के अंग्रेजी क्रांति के समय अपना राष्ट्र के प्रति संपूर्ण निछावर कर दिया था तथा गोंडवाना राज्य के आन बान शान के लिए अंग्रेजों के तोपों के आगे बढ़कर कुर्बानी दे दिया, लेकिन कभी अंग्रेजों के साथ समझौता नहीं किया । 1857 की लड़ाई में गोंड जनजाति का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि बिंदेश्वरी प्रसाद गोंड, राधेश्याम गोड़, दिग्विजय नाथ गोंड, राणा प्रताप गोंड, राकेश कुमार गोंड, डॉ. दीपक गौड़, मनीष कुमार गोंड, सालिक प्रसाद गोंड, बांकेलाल रोड, रामायण प्रसाद गोंड, बृज नारायण प्रसाद गोंड, विजय कुमार गोंड, दिलीप कुमार गोंड आदि ने संबोधित किया। संवाद