पडरौना/रामकोला। रामकोला कस्बे के गीतांजलि हास्पिटल में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत मामले में डीएम ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई सीएमओ की ओर से सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट को विवेचना में शामिल करते हुए संचालक की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम को अस्पताल पर दबिश दिया, लेकिन आरोपी संचालक नहीं मिला।
रामकोला के सोहरौना गांव निवासी पूनम को प्रसव पीड़ा होने पर 21 नवंबर की रात को परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने रात में ऑपरेशन नहीं होने की बात कह कर लौटा दिया। वहां मौजूद दलाल ने परिजनों को गुमराह कर रामकोला के गीतांजलि हास्पिटल में पहुंचा दिया। ऑपरेशन के बाद महिला ने जुड़वे बच्चे को जन्म दिया। 22 नवंबर को इसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक रक्तस्राव होने के कारण होने की पुष्टि हुई। सीएमओ के निर्देश पर जांच कर तीन सदस्यीय टीम अपनी रिपोर्ट सौंप दी। जांच में सामने आया कि जिस डॉक्टर के नाम से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन है, वह डॉक्टर ऑपरेशन करने नहीं आया है। दूसरे डॉक्टर से संचालक अरविंद कुमार शर्मा ने ऑपरेशन कराया था। इसके अलावा और कई खामियां मिलीं।
डीएम ने गीतांजलि हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। इस मामले में पूनम के देवर ही तहरीर पर अस्पताल के संचालक अरविंद कुमार शर्मा पर रामकोला पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। विवेचना में स्वास्थ्य टीम की जांच में जो खामियां मिली है। उसे विवेचना में शामिल करेगी।
पुलिस आरोपी संचालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। सीएमओ डॉ. चंद्रप्रकाश ने बताया कि गीतांजलि हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है। जिन डॉक्टरों के नाम पर हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन था, उनके डिग्री की जांच कराई जा रही है।