खड्डा। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई बारिश का असर रविवार को गंडक नदी में दिखाई दिया। वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से नदी में छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में कुछ ही घंटों के भीतर लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह जहां नदी में 19,750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, वहीं शाम तक यह बढ़कर 81,800 क्यूसेक पहुंच गया। बैराज का कुल डिस्चार्ज 1,00,100 क्यूसेक दर्ज किया गया।
बैराज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सुबह 8 बजे और 10 बजे नदी का डिस्चार्ज 19,750 क्यूसेक रहा। इसके बाद दोपहर 12 बजे अचानक बढ़ोतरी हुई और डिस्चार्ज 40,000 क्यूसेक हो गया। दोपहर दो बजे गंडक नदी का जलस्तर बढ़कर 65,000 क्यूसेक पहुंचा, जबकि शाम चार बजे और छह बजे तक नदी में छोड़ा जाने वाला पानी 81,800 क्यूसेक बना रहा। कुल डिस्चार्ज 100100 (एक लाख एक सौ) में से 7,800 क्यूसेक पानी पूर्वी मुख्य गंडक नहर और 10,500 क्यूसेक पानी पश्चिमी मुख्य गंडक नहर में छोड़ा गया, जबकि शेष 81,800 क्यूसेक पानी सीधे गंडक नदी में प्रवाहित किया गया।
डिस्चार्ज में आई तेज बढ़ोतरी का असर नदी के जलस्तर पर भी दिखाई दिया। खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज स्थल पर शाम चार बजे जलस्तर 94.76 मीटर दर्ज किया गया था, जो चेतावनी बिंदु से 24 सेंटीमीटर नीचे थी। वहीं मात्र दो घंटे बाद शाम 6 बजे जलस्तर में 42 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 95.18 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से 18 सेंटीमीटर ऊपर है। हालांकि गंडक नदी पार के बाढ़ संभावित मरिचहवा, बसंतपुर, सिसवा गोपाल, हरिहरपुर, नारायणपुर सहित अन्य गांव फिलहाल सुरक्षित हैं। प्रशासन एवं सिंचाई विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नेपाल में बारिश जारी रहने के कारण जलस्तर में आगे भी बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।