खड्डा। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकि गंडक बैराज से गंडक नदी में छोड़े जाने वाले पानी के डिस्चार्ज में शनिवार को कमी दर्ज की गई। इसके साथ ही नदी का जलस्तर भी नियंत्रित बना रहा, जिससे खड्डा क्षेत्र के तटबंधों और बाढ़ प्रभावित गांवों में फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। बाढ़ खंड के अधिकारी लगातार तटबंधों और संवेदनशील स्थलों की निगरानी कर रहे हैं।
शनिवार को बैराज से सुबह 6 बजे 61,400 क्यूसेक, सुबह 8 बजे 71,300 क्यूसेक, 10 बजे 71,300 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 67,100 क्यूसेक, दोपहर 2 बजे 73,400 क्यूसेक तथा शाम 4 बजे 69,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके सापेक्ष खड्डा क्षेत्र के भैंसहां गेज स्थल पर सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 94.90 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से 10 सेंटीमीटर नीचे था। शाम 4 बजे जलस्तर बढ़कर 95.01 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से मात्र एक सेंटीमीटर ऊपर रहा।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को दोपहर 2 बजे बैराज से 95,200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद डिस्चार्ज और जलस्तर दोनों में लगातार कमी आने से स्थिति सामान्य बनी हुई है। इस समय, जब मानसून के दौरान नदी का रुख अधिक आक्रामक रहता है, गंडक का तेवर अपेक्षाकृत नरम बना हुआ है। बाढ़ खंड के एसडीओ मनोरंजन कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में नदी के डिस्चार्ज और जलस्तर में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। फिलहाल किसी प्रकार के खतरे की स्थिति नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा अभियंताओं की टीम संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में भी स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित बनी हुई है।