तमकुहीरोड। बिहार के बेतिया से कुशीनगर के सेवरही के तिवारीपट्टी को जोड़ने वाली प्रस्तावित सड़क व पुल के निर्माण की प्रिक्रया शुरू हो गई है। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजे के निर्धारण व भुगतान को लेकर तैयारी तेज हो गई है।
बेतिया जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचलवार कैंप का आयोजन दोबारा शुरू कर दिया गया है। यह 19 जनवरी तक चलेगा। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि मुआवजे के निर्धारण व भुगतान के साथ परियोजना को गति मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बिहार के बेतिया के मनुआपुल एनएच-727ए से यूपी के सेवरही के तिवारीपट्टी एनएच-730 के बीच 29.22 किमी लंबी सड़क सह पुल निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। इस पर 1976.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 174.28 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है और गंडक नदी पर 12.036 किलोमीटर लंबा पुल का निर्माण होना है।
इसके लिए जिला भू-अर्जन विभाग बेतिया की ओर से चार अंचल मुख्यालयों में पिछले 5 व 6 दिसंबर को ठकरहा अंचल में, 8 व 9 दिसंबर को बैरिया, 10 व 11 दिसंबर को योगापट्टी अंचल में और 12 व 13 दिसंबर को चनपटिया अंचल में कैंप लगाकर 1665 में 1500 किसानों को अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के मुआवजे के निर्धारण को लेकर नोटिस तामिला कराया गया था।
इनसे शीघ्र भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कहा गया था। बावजूद इसके अधिकतर भू-स्वामियों ने अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं किया। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने भू-अर्जन विभाग सहित सभी अंचल अधिकारियों को पत्र जारी कर दोबारा सभी अंचलों में कैंप का आयोजन कर मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाए जाने का निर्देश दिया है।