स्वतंत्रता सेनानी सुकई भगत।
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आजादी के बाद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुकई पांडेय और सुकई भगत को पेंशन मिलने लगी। वर्ष 1986 में सुकई पांडेय का निधन हो गया। दो साल बाद 1988 में सुकई भगत का भी निधन हो गया। दोनों के निधन के बाद सरकार ने कभी उनकी सुध नहीं ली।'
सुकई भगत के पौत्र रामभरोस कुशवाहा और सुकई पांडेय के पौत्र महेंद्र पांडेय ने बताया कि परिवार के लोगों को गर्व है कि उनके पूर्वज देश के काम आए। इस बात का मलाल भी है कि देश के नाम पर अपना सब कुछ न्योछावर करने वालों के नाम पर एक स्मारक तक नहीं बन सका।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से आजादी मिली है। सेनानियों के नाम पर अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है। -विनीत कुमार यादव, बीडीओ, नेबुआ नौरंगिया