पटहेरवा (कुशीनगर)। क्षेत्र के लछिया देवरिया गांव के एक युवक ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया में वाद दाखिल किया था। उसने बरेली के एक बीएड संस्था के प्रबंधक व उसके सहयोगी पर बीएड में नामांकन कराने के लिए 1.80 लाख रुपये लेने और दाखिला नहीं कराने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट के आदेश पर प्रबंधक और उसके सहयोगी पर केस दर्ज किया गया है।
लछिया देवरिया गांव के प्रमोद यादव ने 156 (3) के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट कसया, कुशीनगर में दाखिल वाद में कहा था कि उसे बीएड करना था। एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक संस्था का पता और मोबाइल नंबर मिला था। वहां संपर्क किया तो फोन उठाने वाले ने अपना नाम अरविंद कुमार पांडेय बताया और अपने को बरेली के एक बीएड संस्था का प्रबंधक बताया। उसने बीएड करने के लिए प्रति छात्र 90 हजार फीस बताया।
उसकी बात पर भरोसा कर वह और गांव का संदीप कुमार यादव बरेली स्थित बीएड संस्था कार्यालय में गए। वहां अरविंद कुमार पांडेय और उसका सहयोगी नवनीत जोशी मिला। उनको 27 दिसंबर 2012 को 57 हजार रुपये नकद दे दिया। बाकी रुपये अन्य तिथियों में दोनों के खाते में भेजा गया, लेकिन उस सत्र में बीएड में नामांकन नहीं हो सका। इसके बाद अभी तक न तो नामांकन हुआ और न ही रुपये वापस मिले। पटहेरवा पुलिस व पुलिस अधीक्षक को डाक के जरिए तहरीर भेजी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने आरोपी अरविंद निवासी कालीनगर मधोठंडा पीलीभीत और नवनीत जोशी निवासी 352 इंद्र नगर प्रेमनगर, बरेली के खिलाफ विश्वासघात और धमकी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।