संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। निवेश पर मोटा लाभांश दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी और पैसा वापस मांगने पर दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पांच लोगों पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के दांदोपुर गांव निवासी कृष्णमोहन सिंह का आरोप है कि मुन्ना चौरसिया, अजय पाठक, उर्मिला देवी, दो अज्ञात लोग एक विश्वसनीय बैंक का नाम लेकर एमडीएफसी कंपनी में निवेश के लिए प्रेरित किया। भरोसा दिलाया गया कि निवेश पर अच्छा लाभांश मिलेगा। पीड़ित ने एसबीआई सीटी ब्रांच पडरौना और पंजाब नेशनल बैंक स्थित अपने खातों से अलग-अलग तिथियों में कुल 13.75 लाख रुपये एमडीएफसी के खाते में जमा किए। वहीं, विजय बहादुर सिंह ने भी आईडीबीआई बैंक और एसबीआई खाते के माध्यम से करीब पांच लाख रुपये जमा किए।
आरोप है कि एक वर्ष बीत जाने के बाद जब लाभांश और जमा धनराशि वापस मांगी गई तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दिया। साथ ही कम से कम दस अन्य लोगों को कंपनी से जोड़कर निवेश कराने के लिए दबाव बनाया। पीड़ित और उसके सहयोगी के असमर्थता जताने पर आरोपियों ने पैसा वापस करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर मुन्ना चौरसिया और उसकी टीम ने धमकी दी कि यदि कंपनी के लिए काम नहीं किया तो पैसा वापस नहीं मिलेगा।
अधिक दबाव बनाने पर फर्जी दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने बताया कि मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस समेत विभिन्न सरकारी विभागों से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोतवाल ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि सुखवलिया गांव निवासी उर्मिला देवी, अजय पाठक, एकडंगा गांव निवासी मुन्ना चौरसिया के खिलापु कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।