पडरौना। भीषण गर्मी के बीच शनिवार की रात शहर की बिजली व्यवस्था की कलई खुल गई। ओवरलोड के चलते शहर के अलग-अलग मोहल्लों में लगे चार ट्रांसफॉर्मर एक साथ जल गए। नतीजा यह हुआ कि करीब 800 से ज्यादा घरों में पूरी रात बिजली गुल रही।
ट्रांसफॉर्मर जलने की सूचना पर पहुंचे बिजली कर्मियों ने रातभर मरम्मत की कोशिश की, लेकिन दूसरा ट्रांसफॉर्मर और जरूरी उपकरण नहीं होने से सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। लोगों को पूरी रात छत और गलियों में टहलकर बितानी पड़ी। रविवार को पूरे दिन शहर के कई इलाकों में कटौती से लोग बिलबिला उठे।
एक सप्ताह से गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। तापमान 37 डिग्री के पार रहने और हवा बंद होने से लोगों की हालत और खराब है। शनिवार रात करीब 8 बजे एक के बाद एक ट्रांसफॉर्मर जलने लगे। थोड़ी ही देर में शहर के जगदीशपुरम में 100 केवीए, बाईपास रोड पर 400 केवीए और महिला थाना के पास 100 केवीए के दो ट्रांसफाॅर्मर जल गए। इससे इन वीआईपी मोहल्लों में करीब 800 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली गुल होते ही उपकेंद्रों के जेई और एसडीओ के मोबाइल की घंटी बजने लगी।
सूचना पर आए बिजली कर्मियों की शुरुआती जांच में पता चला कि ओवरलोड और कूलिंग की कमी से ट्रांसफाॅर्मर जले हैं। ट्रांसफाॅर्मरों में आई तकनीकी खराबी को दूर कर रात करीब 12 बजे जैसे ही बिजली आपूर्ति बहाल की गई तो करीब दस मिनट बाद ही ट्रांसफॉर्मर जवाब दे गए।
मोहल्लों में अंधेरा छा गया। ट्रांसफाॅर्मर फुंकने की सूचना मिलते ही एसडीओ और जेई की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने जलते ट्रांसफार्मर को हटाकर मरम्मत शुरू की। लेकिन स्पेयर कॉइल, तेल और फ्यूज की कमी के चलते काम बीच में ही अटक गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिपो में पहले से कोई बैकअप ट्रांसफाॅर्मर नहीं रखा गया था। बिजली गुल होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर-बैटरी भी दो से तीन घंटे में ही जवाब दे गए। उमस इतनी थी कि घरों में बैठना मुश्किल हो गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रातभर पंखे के लिए तरसते रहे। लोग छत किसी तरह रात गुजारने को मजबूर हुए।
बिजली नहीं होने से मच्छरों ने लोगों जीना मुहाल कर दिया। बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि गर्मी ज्यादा है इसलिए लोड बढ़ गया है। लोग एसी और कूलर का इस्तेमाल कम करें, ताकि ट्रांसफॉर्मर पर लोड कम हो। उधर बार-बार ट्रांसफाॅर्मर जलने और बैकअप नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
मोहल्ले के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि नया ट्रांसफार्मर नहीं लगा, तो बिजलीघर पर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि हा साल गर्मी में यही कहानी दोहराई जाती है, लेकिन बिजली निगम बीते गर्मी की घटनाओं से सबक नहीं लेता।
ट्रांसफार्मर जलने पर रात में ही बिजली घर पहुंचे लोग : जगदीशपुरम कॉलोनी और बाईपास मार्ग पर लगा ट्रांसफार्मर जलने के बाद रात में ही मोहल्ले के विशाल शुक्ला, कुंदन और अमन समेत कई लोग पडरौना बिजली घर पहुंच गए। मोहल्ले के लोगों ने बिजली कर्मियों से रात में ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की।
बिजली कर्मियों ने बताया कि बिजली घर में ट्रांसफाॅर्मर उपलब्ध नहीं है। इस पर मोहल्ले के लोगों ने नाराजगी जताई।
वहां मौजूद वरिष्ठ लोगों के समझाने पर बिजली कर्मियों से बहस कर रहे लोग शांत हुए। रविवार की सुबह पुन: मोहल्ले के लोग बिजली घर पहुंचे और बिजली कर्मियों के साथ कसया पहुंच बिजली घर पहुंचकर 400 केवीए का ट्रांसफार्मर मंगवाया।
जगदीशपुरम काॅलोनी में ट्रांसफार्मर से निकलती चिंगारी। संवाद