उसने अपनी जान की परवाह किए बिना एक-एक कर सभी को टैंक से बाहर निकाला। इसी दौरान लोगों ने शौचालय टैंक को साफ करने वाली सेप्टिक टैंक मशीन बुला ली। लेकिन वहां तक जाने के लिए पाइप छोटा था। फिर पंपिंगसेट से खेतों की सिंचाई करने वाला पाइप मंगाया गया और उससे टैंक को खाली कराया गया। ताकि यदि कोई और उसमें फंसा हो तो बाहर निकाल लिया जाए।
इसके बाद पुलिस के डायल 112 वाहन से पांचों को कोटवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने नंदू कुशवाहा, उसके पुत्र नितेश कुशवाहा, पट्टीदार दिनेश कुशवाहा और आनंद को मृत घोषित कर दिया। राजकुमार की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां मौजूद सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल इलाज शुरू कराया।