कसया। विश्व शांति दूत भिक्षु पञ्ञकारा थेरो के नेतृत्व में अमेरिका, थाईलैंड और वियतनाम सहित विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं एवं श्रद्धालुओं के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार सुबह बौद्ध स्थली का भ्रमण कर दर्शन-पूजन किया। प्रतिनिधिमंडल साढ़े नौ बजे लुंबिनी (नेपाल) के लिए रवाना हो गया।
प्रतिनिधिमंडल ने सुबह छह बजे से रामाभार स्तूप, माथा कुंवर मंदिर और महापरिनिर्वाण मंदिर में चीवर अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही बुद्ध विहार सहित अन्य प्रमुख बौद्ध स्थलों पर पहुंचकर भगवान बुद्ध को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और विश्व शांति एवं मानव कल्याण की कामना की। इस दौरान विदेशी श्रद्धालुओं के साथ कुशीनगर की विभिन्न मोनेस्ट्री के बौद्ध भिक्षु भी शामिल रहे।
म्यांमार बुद्ध विहार में कुशीनगर भिक्षु संघ की ओर से प्रतिनिधिमंडल का भव्य सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अन्य जनपदों से आए बौद्ध भिक्षुओं के साथ स्थानीय कुशीनगर बौद्ध भिक्षु संघ के सदस्य भी मौजूद रहे। करीब 200 भिक्षु एवं श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में शामिल हुए।
भिक्षु पञ्ञकारा थेरो ने कहा कि कुशीनगर बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र स्थल है, क्योंकि यहीं भगवान बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि विश्वभर से आने वाले श्रद्धालु इस पावन भूमि पर आकर भगवान बुद्ध के संदेशों की प्रासंगिकता को आत्मसात करते हुए सुख, शांति और मानव कल्याण की भावना को आगे बढ़ाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल में थाईलैंड के भिक्षु फ्रा सुपालक खांगथोंग एवं फ्रा पिचेत केटमी सहित वियतनाम और अमेरिका से आए श्रद्धालु क्वांग न्गोक, लॉ वान गुयेन, जिमी जॉय, हुआन बा वो, बाओ फुओंग थू फाम, आन्ह फुओंग थू फाम, एलिजाबेथ एन ब्रैडली, मैरी जॉय कोलब, एंडी आन्ह हुइन्ह, शेरी डॉन कार्डास और न्गुएन फी त्रि शामिल रहे।