कसया। नगर में बुधवार शाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ऐतिहासिक दो दिवसीय डोल मेला संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल 11 अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवार, लाठी समेत विभिन्न अस्त्र कला का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। लोग रोमांचित हो उठे और कई मौकों पर दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो गए। अखाड़ों की आकर्षक झांकियां देखने के लिए नगर के प्रमुख मार्गों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गगनभेदी जयकारों से पूरा नगर भक्तिभाव से सराबोर रहा। रातभर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में युवक झूमते रहे।
नगर के महावीरी सेवा दल ब्रह्मस्थान, श्री विश्वकर्मा सेवा दल, श्रीकृष्ण बाल सेवा दल, मनोहारी अखाड़ा, हिंदू सम्राट दल, श्री वीर हनुमान सेवा दल, श्रीराम सेवा दल और महाकाल डोल संघ समेत 11 अखाड़ों के जुलूस प्रमुख मार्गों से निकले। ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सजाई गईं झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों में धार्मिक और सामाजिक प्रसंगों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक लोगों में जुलूस देखने को लेकर खासा उत्साह रहा।
जुलूस के दौरान अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवार, लाठी और अन्य अस्त्र कलाओं का प्रदर्शन किया। एक से बढ़कर एक करतब देखकर सड़क किनारे खड़े दर्शक रोमांचित हो उठे। करतब देखने के लिए लोग काफी देर तक सड़क किनारे खड़े रहे। मेले में जगह-जगह लोगों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई थी। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी मेले में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। इससे आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। मेले में विधायक पीएन पाठक, नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल, भाजपा नेता ओमप्रकाश जायसवाल, सभासद राजेश मद्धेशिया, विनय प्रताप राव, विजेंद्र प्रताप सिंह, पवन जायसवाल, विनय सिंह, कामोद पांडेय, गोपाल शर्मा, मुन्ना, अंगद, अंगद मद्धेशिया, प्रिंस जायसवाल, दुर्गेश चतुर्वेदी, कुश मद्धेशिया, अनिल मद्धेशिया, नीतिश उपाध्याय, अमरचंद हिंदुस्तानी, किशन मद्धेशिया, सुदामा मद्धेशिया, किशोर आदि मौजूद रहे।
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चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस तैनात, ड्रोन से हुई निगरानी
डोल मेले को लेकर पुलिस-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जी. अक्षय दीपक, सीओ अजय कुमार सिंह और सीओ वीरेंद्र सिंह ने पुलिस टीम के साथ मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। नगर के प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अखाड़ों के साथ भी पुलिस बल लगाया गया था। पूरे मेला क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाती रही। संवेदनशील स्थानों पर पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे।
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प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रहा प्रतिबंधित
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। शाम से ही वाहनों को नगर के बाहर-बाहर से गुजारा गया। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया गया। इससे मेला क्षेत्र में भारी भीड़ के बावजूद आवागमन सुचारु बना रहा।
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