तमकुहीरोड। विकास खंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैकड़ों किसान आपदा की दोहरी मार झेल रहे हैं। घरों में पानी घुसने के कारण कई परिवार बांध पर शरण लिए हुए हैं, जबकि खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल बाढ़ के पानी में डूब गई है। इससे फसल बर्बाद होने और किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की आशंका है। सेवरही विकास खंड का बड़ा हिस्सा बाढ़ की चपेट में है। पिपराघाट क्षेत्र के दस से अधिक गांवों में खेत जलमग्न हैं। जवही दयाल, चैनपट्टी, गौरहा, सिसवा नाहर, बेदुपार, विरवट कोन्हवलिया, फागू छापर, खैरटिया, बाघाचौर और अहिरौलीदान में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। कई परिवार घर छोड़कर बांध पर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। परिवार के साथ पशुओं को भी वहीं रखना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि घर और फसल दोनों प्रभावित होने से उनके सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है। यदि लंबे समय तक पानी खेतों में जमा रहा तो धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों ने बताई पीड़ा : बाढ़ प्रभावित गांवों के अशोक सिंह पटेल, शंभुदास, बाबूराम, मोहन साहनी, विक्रम मुसहर, रमेश यादव, हीरालाल और सूर्यबली ने बताया कि बाढ़ से घर, खेती और पशुओं की व्यवस्था प्रभावित हुई है।