-आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में यूपीएटीएस ने बेलवा मिश्र से दबोचा था कृष्णा को
-मां ने कहा- पाकिस्तान से कोई काम पूरा करने पर मिला था चार लाख रुपये का लालच
पडरौना। पाकिस्तानी आतंकियों से संबंध रखने के आरोप में यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए बेलवा मिश्र निवासी कृष्णा मिश्रा के बारे में नई जानकारी सामने आई है। कृष्णा की गिरफ्तारी के वक्त उसकी कारगुजारियों के बारे में जानकारी से इनकार करने वाली उसकी मां ने अब उसके पाकिस्तानी आतंकियों से बातचीत होने की बात कबूल की है।
बृहस्पतिवार को मां लाली ने बताया कि कृष्णा के पास पाकिस्तान से फोन आता था। उन्होंने उससे कुछ काम करने को कहा था, जिसके बदले चार लाख रुपये देने की बात कही गई थी। वह क्या काम था इसका उन्हें पता नहीं है। रुपयों की लालच में उनका बेटा उनकी बातों में आ गया।
रविंद्र नगर धूस थाना क्षेत्र के बेलवा मिश्र निवासी कृष्णा मिश्र का जन्म 2007 में हुआ था। पिता छोटेलाल मिश्र ने बताया कि कृष्णा के जन्म के एक साल बाद वह परिवार के साथ दिल्ली चले गए और वहां नरेला इलाके में रहने लगे। वहां वह प्लास्टिक की फैक्टरी में काम करते थे। उन्होंने वहीं स्कूल में उसका दाखिला कराया पर उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता था। वह अक्सर स्कूल से भागकर घर आ जाता। इसलिए वह कक्षा तीन तक ही पढ़ सका। होश संभालने के बाद वह भी वहीं गार्ड का काम करने लगा।
कृष्णा की मां ने बताया कि इधर दो तीन साल से वे लोग गांव में ही रह रहे हैं। 28 अप्रैल को बेटा दिल्ली से घर के लिए चला। 29 अप्रैल को घर पहुंचा और दो मई को पिता को लखनऊ के नशा मुक्ति केंद्र से लेकर घर आ गए। उसी दिन रास्ते में बेटे के मोबाइल पर बार-बार वीडियो काॅल आ रही थी। पूछने पर बेटे ने बताया कि पाकिस्तान का एक व्यक्ति है। फोन कर रहा है। इंस्टाग्राम से बाराबंकी के एक युवक से दोस्ती हुई। उसके माध्यम से पाकिस्तान का रहने वाला गैंगस्टर फोन करता है। एक बार उसने मना किया तो बम से उड़वाने की धमकी दी थी। उसने उसकी बात मानने पर चार लाख रुपये देने का वादा किया है। इसीलिए बात कर रहा हूं।
मां ने बताया कि घर शाम को हम लोग पहुंचे और पुलिस के पास जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस वाले आ गए। बेटे से पूछताछ करने के बाद उसे लेकर चले गए। इसके बाद पता चला कि बेटा ऐसे मामले में शामिल है। जाने के बाद एक नंबर से फोन आया और बताया गया कि बेटे से मिलने लखनऊ आओ। उसे छह मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
उसके बाद पांच मई को ट्रेन से वह पति छोटेलाल के साथ लखनऊ पहुंची। वहां पहुंचकर उस नंबर पर फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद पूरे दिन इधर-उधर भटकने के बाद लौट आए।
पड़ोसियों ने बताया कि कृष्णा यहां पर बहुत कम रहता था। वह बचपन से दिल्ली रहा है। आता भी था, तो घर से बहुत कम निकलता था। इस बार भी उसके घर पर होने की जानकारी तब हुई जब पुलिस उसे यहां से ले गई। वहीं, पड़ोस में रहने वाले कृष्णा के चाचा व चचेरे भाइयों का कहना है कि वह हमेशा नशे में रहता था। इसी कारण उससे उनकी बातचीत नहीं होती थी।
आतंकीय कृष्णा मिश्रा के घर पर बैठे मॉ और पिता।संवाद- फोटो : Samvad