फाजिलनगर। चौराखास थाना क्षेत्र के अरुसवा गांव के पास सोमवार की शाम को गिट्टी सप्लायर और उसके साथी की पिटाई कर रकम लूट के मामले में पुलिस ने दो बदमाशों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बिहार व कुशीनगर जिले के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में ले लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस गिट्टी सप्लायर के यहां काम करने वाले अमन चौबे के साथ बाइक पर मौजूद इसके साथी विपिन की भूमिका संदिग्ध मानकर जांच कर रही है।
गोपालगंज जिले के कटेया थाना क्षेत्र के कटया वार्ड नंबर नौ निवासी विशाल बरनवाल गिट्टी की सप्लाई देते हैं। इनके यहां कटेया कस्बे के वार्ड नंबर आठ निवासी अमन चौबे काम करते हैं। सोमवार की शाम को अमन चौबे फाजिलनगर क्षेत्र में गिट्टी की दुकानों से रुपये वसूली करने अपने साथी विपिन को लेकर बाइक से आया। रुपये वसूली के बाद लौटते समय चौराखास थाना क्षेत्र के अरुसवा गांव के समीप एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर बाइक को रोक लिया। पिटाई कर रुपये से भरा बैग लूट ले गए।
अमन चौबे और विपिन के हाथ में चोटें आईं। रात को तीन लाख रुपये लूटे गए बैग में होने की बात अमन चौबे ने पुलिस को बताई। मंगलवार को दोपहर सीओ जयंत कुमार यादव चौराखास थाने पहुंचे और दोनों युवकों से अलग-अलग पूछताछ की। उसके बाद चौराखास थाना क्षेत्र के भानपुर गांव निवासी शहनवाज अंसारी, कटेया थाना क्षेत्र के दुहौना गांव निवासी जगुआर उर्फ बीरेंद्र शाह समेत अन्य के खिलाफ लूट की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। पुलिस की पूछताछ में विपिन की भूमिका संदिग्ध मिला है। सीडीआर के मदद से पुलिस सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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लूट का आरोप झूठा, लेन-देन का निकला मामला
सलेमगढ़। स्थानीय कस्बे के रहने वाले अखिलेश द्विवेदी की दुकान में सोमवार की शाम घुसकर स्कार्पियो सवार बदमाश 1.50 लाख रुपये लूट ले गए। दुकानदार की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। देर रात को पुलिस की जांच में पता चला कि मध्य प्रदेश की टायर कंपनी की आजमगढ़ में एजेंसी है। पुलिस की जांच में दुकानदार अखिलेश द्विवेदी के मोबाइल में आरोपी का नंबर सेव मिला और चैटिंग भी। सीओ जयंत कुमार यादव ने बताया कि एजेंसी से नौ लाख रुपये का टायर लिया गया है। जबकि तीन लाख का टायर बिना रिकार्ड का लिया है। कंपनी के लोग रुपये वसूली के लिए आए थे। इसी बात को लेकर दोनों लोगों में कहासुनी हुई थी। कंपनी के लोगों के जाने के बाद दुकानदार अखिलेश द्विवेदी ने लूट की कहानी रची है। टायर एजेंसी के वर्करों को बुलाया गया है। लूट का आरोप झूठा है। अब तक के जांच में लेन-देन का मामला सामने आया है।