पटहेरवा। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बगही के ग्राम प्रधान व उनके पति समेत तीन लोगों पर नामजद और अन्य अज्ञात पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की। मामले में पुलिस जांच पड़ताल में जुटी है।
बगही के सत्यनारायण यादव ने न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट कसया दाखिल बाद में बताया कि गांव के अमरजीत गौड की शादी वर्ष 2000 के करीब तमकुही क्षेत्र के बिहार बुजुर्ग गांव के महावीर प्रसाद व कौशल्या देवी की पुत्री सुनीता के साथ हुई थी। वर्ष 2021 के ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गया। जिले में इस जाति के लोगों का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र उस समय नहीं बनता था। जबकि बगल के देवरिया जिले में प्रमाण पत्र बनता था। अमरजीत प्रसाद ने जालसाजी कर पत्नी सुनीता देवी को रिश्तेदारी के गांव बंजरिया पथरदेवा, देवरिया में परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करवा कर अनुसूचित जन जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया।
उन्होंने न्यायालय को बताया कि देवरिया के पथरदेवा ब्लॉक क्षेत्र के बंजरिया की प्रभावती देवी को सुनीता देवी की माता और सुदर्शन को पिता दिखाया गया है, जबकि ये सुनीता के रिश्ते में बुआ और फूफा है। कोर्ट ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। थानाध्यक्ष प्रविंद्र राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी ग्राम प्रधान सुनीता देवी, उनके पति अमरजीत गौड व ओमप्रकाश गोड और अन्य अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।