कप्तानगंज। धान और गन्ने की फसल में डालने के लिए यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है, इसके लिए किसान भटक रहे हैं, लेकिन मांग के अनुसार यूरिया नहीं मिल रहा है। मंगलवार को चार बजे भोर से खाद के लिए लाइन में खड़ा रहने के बावजूद खाद नहीं मिला और किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
किसानों का आरोप है कि यूरिया खाद की कालाबाजारी हो रही है, यही वजह है कि निजी दुकानों से 600 रुपये में यूरिया बेची जा रही है। स्थानीय तहसील गेट के सामने बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर यूरिया खाद मिलने की जानकारी होते ही मंगलवार की भोर चार बजे से किसान खाद लेने को लेकर लाइन में खड़ा हो गए। उसके बाद खाद नहीं मिला, क्योंकि समिति को दस दिन बाद केवल 222 बोरी खाद ही मिली थी और किसानों की संख्या ज्यादा हो गई थी। किसान राम प्रवेश, जनार्दन चौहान, राम निवास यादव, राजू सिंह, रमेश शर्मा सहित अन्य किसानों का कहना था कि कप्तानगंज क्षेत्र में यूरिया की किल्लत सबसे ज्यादा है।