गोड़रिया/पडरौना। रितेश अग्रवाल के पिता कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करते थे, तीनों बेटे उनके काम में हाथ बंटाते थे। रितेश ने करीब पांच साल पूर्व कठकुईयां में किराने की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ गया और वह थोक का काम करने लगा। करीब तीन साल पूर्व कठकुईयां जाने वाले मठिया मोड़ पर जमीन लेकर रितेश अग्रवाल ने बेकरी की फैक्टरी खोल ली। अभी भी इसके विस्तार का काम चल रहा है।
रितेश ने गोरखपुर, कठकुईयां और पडरौना के रामकोला रोड पर कीमती जमीन भी खरीद रखी है। फर्म का महीने का ट्रांजेक्शन भी करोड़ों में है। पांच साल में अचानक फर्श से अर्श पर पहुंचे कारोबारी के प्रतिष्ठानों पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद कठकुइयां बाजार से पडरौना तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। कठकुईयां निवासी रितेश तीन भाइयों में छोटा है। उसका एक भाई पडरौना शहर के रामकोला रोड पर मोटर पार्ट्स की दुकान चलाता है। कुछ महीने पूर्व उसने जमीन भी खरीद ली। दूसरा भाई किराने की दुकान देखता है जबकि रितेश बेकरी फैक्टरी के अलावा किराना के थोक कारोबार का काम भी देखता है।
सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग की जांच में फर्म से करोड़ों के लेनदेन में बड़े पैमाने पर कर चोरी का मामला सामने आया है। आयकर विभाग की छापेमारी के बाद लोगों में चर्चा है कि अचानक पांच साल में सामान्य कारोबारी की आर्थिक हैसियत काफी बढ़ गई। गांव से लेकर चौक चौराहों और बड़े शहरों में भी जमीन खरीदने के साथ-साथ रियल एस्टेट के कारोबार में भी मोटी रकम लगा रखी है। गोरखपुर में चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई से जुड़े रितेश अग्रवाल से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली है।
10जेएनडी29: चुनाव जीतने के बाद प्रधान समेत अन्य पदाधिकारी खुशी मनाते हुए। अधिवक्ता- फोटो : रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।