पडरौना/गुरवलिया बाजार। तस्करों के तरकश को तोड़ने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। तस्करी पर लगाम कसने के लिए अब उसमें इस्तेमाल होने वाले हथियार पुलिस के निशाने पर हैं। जांच-पड़ताल में इस्तेमाल होने वाले हथियारों को जब्त किया ही जा रहा है। वहीं अब पशुओं को लाने और ले जाने में इस्तेमाल होने वाली पिकअप भी हिटलिस्ट में है।
एसपी के निर्देश पर पुलिस ने बिहार से लगने वाली सीमाओं को सील कर बुधवार रात 26 पिकअप वाहनों की जांच की और एक को छोड़कर सभी को सीज कर दिया गया। ड्राइवरों से पूछताछ में सरगनाओं, ठिकानों और अन्य नए ट्रेंड से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। इसपर अब पुलिस ने काम भी करना शुरू कर दिया है।
तस्करों की अलग-अलग तरकीब की उलझी गुत्थी पुलिस अब सुलझाने लगी है। पश्चिमी इलाकों से होते हुए तस्करों के बिहार में दाखिल होने के रूट, तस्करी के माध्यम पिकअप वाहन, आकाओं और तस्करों के ठिकाने पर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। सीमावर्ती इलाकों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े थाने और चौकियों के इर्द-गिर्द पुलिस ने ऐसा जाल बुना है, जिसमें फंसने वाले अधिकांश पशु तस्कर हैं।
बृहस्पतिवार को एसपी और कई थानों की पुलिस टीम पशु तस्करी और प्रतिबंधित मांस को लेकर दशकों से चर्चित बसहिया गांव पहुंची थी। तस्कर गांव छोड़कर फरार हो चुके थे। गैंगस्टर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई के साथ गांव पहुंचकर घर-घर तस्करों के सत्यापन और सड़कों पर नाकाबंदी के बाद तस्करों में डर उत्पन्न हो गया है। अधिकांश बड़े तस्करों ने अपने ठिकानों को बदल दूसरे जिलों में शरण ले ली है। सूत्रों के अनुसार कई बड़े तस्करों ने तो गैंग के लीडर और सरगनाओं से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई हैं।
नए साल के साथ तस्करों पर शिकंजा कसने की शुरुआत हो गई। आकाओं पर गैंगस्टर की कार्रवाई के साथ पुलिस ने ऐलानिया जंग छेड़ दी। इसके बाद बसहिया में पशु तस्करों के संजाल को तोड़ने के लिए एसपी दल बल के साथ बसहिया पहुंच गए। तस्करी में मुख्य माध्यम वाहनों में पिकअप के संबंध में भाड़े पर लेकर तस्करी की बात खबर के माध्यम से उजागर हुई तो एसपी के नेतृत्व में बुधवार देर रात पुलिस ने पश्चिम चंपारण और गोपालगंज से जुड़े बाॅर्डर पर नाकाबंदी की।
अलग-अलग थाना क्षेत्र से 26 पिकअप वाहन की जांच की। इसमें 25 वाहनों को सीज कर दिया गया। इनमें जो वाहन पुलिस ने सीज किए हैं, उनमें कुशीनगर के अलावा पश्चिम चंपारण और गोपालगंज के पिकअप शामिल हैं। जब्त पिकअप से पुलिस ने ड्राइवरों से पूछताछ में तस्करी से जुड़े कई अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई में थाना कोतवाली पडरौना की पुलिस ने नाकाबंदी कर नौ पिकअप वाहनों की सघन चेकिंग की और सभी को सीज कर दिया।
थाना तुर्कपट्टी पुलिस की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य लिंक सड़कों पर जांच में पांच पिकअप वाहनों में चार को सीज कर दिया गया। महाराजगंज की सीमा से जुड़े थाना कप्तानगंज पुलिस की ओर से चार, अहिरौली बाजार की ओर से पांच और तमकुहीराज की पुलिस ने दो पिकअप वाहनों को सीज किया। पश्चिम चंपारण सीमा से जुड़े जटहा बाजार पुलिस ने भी एक पिकअप पर सीज की है। बड़ी गाड़ियों से फेरा मुंह...सामान ढोने के बहाने पिकअप से तस्करी : गोरखपुर, महाराजगंज आदि इलाकों से होते हुए पश्चिम चंपारण और गोपालगंज में पशुओं को दाखिल कराने में माध्यम पिकअप बनी है। अधिकांश मामलों में पशुओं के साथ पिकअप पकड़ी जाती है। समान ढोने के बहाने तस्कर पिकअप की व्यवस्था करते हैं इसके लिए वह सामान ढुलाई के लिए भाड़े पर पिकअप लेते हैं तो कभी आपातकाल की स्थिति में चोरी भी की जाती है। मालवाहक बन सड़क पर दौड़ने वाली पिकअप से नए ट्रेंड की तस्करी को लेकर अमर उजाला में 29 दिसंबर 2024 को ‘ ढुलाई के लिए ले रहे पिकअप..तस्करी को दे रहे अंजाम..’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
इसके बाद एसपी के निर्देश पर बुधवार देर रात सभी क्षेत्राधिकारियों ने थानाध्यक्षों के साथ मिलकर अभियान चलाना शुरू किया। जिले के रास्ते बिहार के इलाकों में दाखिल हो रहे पिकअप को रोककर पूछताछ में प्रथम दृष्टया गलत पाए जाने पर 25 पिकअप सीज कर दी गई। इसमें मौजूद ड्राइवरों ने जो बात पुलिस को बताया है उसमें बिहार और जिले में बैठे कई कुख्यात तस्करों के नाम शामिल हैं। पुलिस इसके आधार पर बड़े खुलासे की ओर आगे बढ़ रही है
10जेएनडी29: चुनाव जीतने के बाद प्रधान समेत अन्य पदाधिकारी खुशी मनाते हुए। अधिवक्ता- फोटो : रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।