तमकुहीरोड। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में सेवरही चीनी मिल क्षेत्र के 25 गन्ना क्रय केंद्रों का इंडेंट होल्ड कर दिया गया है। इससे मिल प्रशासन व गन्ना किसानों में खलबली मची है।
हालांकि, केन यूनियन व मिल प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए किसान हित में जरूरी कदम उठाने की कोशिशों कर रहा है। क्षेत्र के गन्ना किसानों का कहना है कि यदि गन्ना क्रय केंद्रों का शीघ्र आवंटन बहाल नहीं हुआ तो गन्ना किसानों के साथ चीनी मिल की परेशानी बढ़ सकती है और किसानों के गन्ना काटकर गेंहू बोने के मंसूबे पर पानी फिर सकता है। सेवरही एक गन्ना बाहुल क्षेत्र है, जहां लगभग 20 हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की फसल की बुवाई की जाती है। इस साल तीस गन्ना क्रय केंद्रों के साथ सेवरही चीनी मिल ने पिछले 24 नवंबर से पेराई भी शुरू कर दी। लेकिन इसी बीच गन्ना क्रय केंद्रों के निर्धारण के मामले को लेकर जेएचवी शुगर लिमिडेट गड़ौरा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका (सी) संख्या- 16538/2024 दाखिल कर दी गई जो जेएचवी शुगर लिमिटेड गड़ौरा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य है।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में गन्ना आयुक्त प्रभु एन सिंह की ओर से सेवरही शुगर मिल परिक्षेत्र के मिल गेट, महुअवा, मोगलपुरा, समउर, रकबा राजा सहित सेवरही केन यूनियन के पांच क्रय केंद्रों का आवंटन छोड़ कर बाकी नौ गन्ना क्रय केंद्रों व दुदही व तरयासुजान केन यूनियन के सभी 16 गन्ना क्रय केंद्रों को मिला कर कुल 25 गन्ना क्रय केंद्रों का आवंटन आठ जनवरी तक के लिए होल्ड कर दिया गया है।
साथ ही सेवरही चीनी मिल की ओर से पेराई सत्र 2024-2025 के लिए मांगे गए 91.20 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति अब चीनी मिल को क्रय केंद्रों से 11,512 हेक्टेयर से ही खरीदने के निर्देश दिए गए हैं।