हाटा। एथेनॉल प्लांट लगाने के लिए अधिग्रहित की गई जमीन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक दिसबंर से 24 दिसंबर के बीच तीन राउंड किसानों, मिल प्रबंधन और प्रशासन के बीच विवाद हो चुका। इसको लेकर बातचीत का निष्कर्ष नहीं निकला। किसान पुराने सर्किल रेट पर जमीन देने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। जबकि, प्रशासन इसकी रेट पर जमीन अधिग्रहित कर मिल प्रबंधन को कब्जा दिला चुका है। हालांकि, किसानों के विरोध के चलते चीनी मिल प्रबंधन बैकफुट पर है, अभी किसी तरह का निर्माण जमीन पर नहीं कर रहा है। घायल किसान शिवाजी यादव का कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में अभी इलाज चल रहा है।
बिरला ग्रुप की अवध शुगर मिल एंड एनर्जी लिमिटेड ढाढा चीनी मिल की ओर से एथेनाॅल प्लांट लगाने के लिए प्रशासन ने 35 एकड़ भूमि अधिग्रहित की है। चीनी मिल प्रबंधन कानूनी रूप से जमीन पर मालिकाना हासिल करने का दावा करते हुए कब्जा लेने का प्रयास कर रहा है, लेकिन किसान जमीन का मुआवजा नहीं लेने की बात कहते हुए किसी भी कीमत पर जमीन न देने की जिद पर अड़े हैं। इसको लेकर किसानों और मिल प्रबंधन के बीच विवाद की खाई बढ़ती जा रही है। मंगलवार को अधिग्रहित भूमि पर टिनशेड की बाउंड्री लगाने के दौरान किसानों से चीनी मिल कर्मचारी आमने-सामने आ गए थे। इसमें दोनों तरफ से छह लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल किसान शिवाजी यादव अभी भी कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। किसानों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने अधिग्रहित जमीन पर किसी तरह का निर्माण करने से मना कर दिया है।
किसानों और चीनी मिल प्रबंधन के बीच प्रशासन कई बाद मामला सुलझाने का प्रयास कर चुका है, लेकिन प्रशासन की शर्तों पर किसान तैयार नहीं हो रहे हैं और वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी से मिल प्रबंधन और किसानों के बीच कभी भी बड़ा बवाल हो सकता है। किसानों की समस्या को लेकर अफसर गंभीर नहीं है और एक तरफा बातकर बीच का रास्ता नहीं निकल पा रहे हैं। वहीं, हाटा तहसील में नायब तहसीलदार सुनील सिंह की अगुवाई में एक काउंटर लगवाया है, जहां किसान अपना आवेदन कर मुआवजा ले सकते है, लेकिन कोई भी मुआवजा लेने नहीं पहुंच रहा है।
एसडीएम प्रभाकर सिंह ने बताया कि किसानों को नियमानुसार मुआवजे के लिए काउंटर लगाया गया। किसान खुद विवाद को बढ़ावा देना चाहते हैं। प्रशासन उनकी मदद करना चाहता है, लेकिन वे किसी की बात नहीं समझ रहे हैं।
भाकियू जिलाध्यक्ष ने की मुलाकात
-भाकियू के जिलाध्यक्ष ध्रुवनारायण यादव मेडिकल कॉलेज में भर्ती किसान शिवाजी यादव से मुलाकात बुधवार को किए और प्रशासन तथा मिल प्रबंधन की ओर से किसानों पर किए जा रहे उत्पीड़न की निंदा की। भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन खुद विवाद को बढ़ावा देना चाहता है। किसानों पर दो बार फर्जी मुकदमे दर्ज कर लिए गए और शासन सत्ता में बैठे लोगों की चुप्पी नहीं टूट रही है। किसान अपनी जमीन का उचित मुआवजे की मांग कर रहा है तो उसे मुकदमे में फंसाया जा रहा है और कानूनी रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। निजी कंपनी के इशारे पर जिला प्रशासन कार्य कर रहा है। भाकियू इसको लेकर चुप नहीं बैठेगा। किसानों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ रणनीति बनाकर आगे की लड़ाई लड़ेगा।
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नहीं हुआ निर्माण, पुलिस अलर्ट
-मंगलवार को किसानों और मिल प्रबंधन के कर्मचारियों के बीच विवाद होने के बाद किसानों में गुस्सा है। बुधवार को अधिग्रहित जमीन पर किसी तरह का कोई निर्माण नहीं कराया गया। वहीं पुलिस भी इसको लेकर अलर्ट है। एक दिसंबर को किसानों और पुलिस-प्रशासन के बीच विवाद विवाद हुआ। किसानों ने खेत की जुताई कराकर गेहूं की बुवाई करा दी थी। इस मामले में पुलिस ने बीस किसानों पर केस दर्ज किया है।
.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद
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