तमकुहीराज। स्थानीय कस्बे से हाईवे के रास्ते सवारी गाड़ियों से आवाजाही करने वाले ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तमकुहीराज से हाईवे के रास्ते बनवरिया, कौवापट्टी, माधोपुर बुजुर्ग, लतवा बाजार, टड़वा, सलेमगढ़, सियरहा आदि रूटों पर रोडवेज बसों का अभाव है।
इसके चलते यहां से जाने वाले यात्रियों से निजी सवारी गाड़ियों के चालक कम दूरियों के लिए भी मनमाना किराया वसूलते है। हाईवे के रास्ते चलने वाली लंबी दूरी की बसों के साथ डग्गामार वाहनों के पास परमिट भी नहीं है। इसके बाद भी जिम्मेदार इन पर शिकंजा नहीं कस पा रहे हैं। लोगों की मानें तो पूरे दिन हाईवे पर ही एआरटीओ की गाड़ी दौड़ती है, इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। तमकुहीराज कस्बा यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां तहसील मुख्यालय सहित अन्य सरकारी कार्यालय मौजूद है। ग्रामीण इलाके गाजीपुर बैरियर टोला, बनवरिया, कौवापट्टी, माधोपुर बुजुर्ग, मंझरिया, लतवा बाजार, गोड़ईता श्रीराम, रामपुर, कोटवा अहिरौली, सरया, मुन्नीपट्टी, श्यामपट्टी, टड़वा, खुदरा, मुकुंदपुर, बसडीला, सलेमगढ़, सियरहा, बहादुरपुर आदि गांवों के लोगों का नियमित रूप से तमकुहीराज कस्बे में आना-जाना रहता है। लेकिन हाईवे के रास्ते सलेमगढ़ बाजार तक रोडवेज बसों का नियमित संचालन न होने से लोगों को मजबूरी में निजी सवारी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
इनमें बिना परमिट के संचालित बिहार की सवारी गाड़ियां व डग्गामार बसें भी शामिल हैं। तमकुहीराज कस्बा निवासी विनोद कुमार ने बताया कि माधोपुर बुजुर्ग की दूरी करीब पांच किलोमीटर के लिए बीस रुपये, लतवा बाजार तक छह किलोमीटर दूरी के लिए 20 से 25 रूपये, सलेमगढ़ की दूरी करीब आठ किमी है, यहां के लिए 30 से 35 रुपये तक वसूले जाते हैं। सिर्फ इतनी ही नहीं निजी सवारी गाड़ियों के चालक यात्रियों की सुरक्षा को दरकिनार कर मानक से अधिक लोगों को बिठाते हैं।
रामप्रीत का कहना है कि कम दूरी के कुछ ऐसे भी गांव है कि अधिक किराये के लालच में सवारी गाड़ियों के चालक इन्हें बैठाने से परहेज करते है। तमकुहीराज कस्बे से बिहार के गोपालगंज की दूरी करीब 36 किलोमीटर है। इसके लिए निजी सवारी गाड़ियों के चालक 90 से 100 रुपये तक किराया वसूलते है। तमकुहीराज कस्बा स्थित सर्विस रोड से अवैध स्टैंड का संचालन भी होता है।