लीबिया में अपहृत मुन्ना चौहान के वापसी की राह देखते परिजन ।
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लीबिया में अपहृत मुन्ना चौहान का नहीं चला पता
खड्डा (पडरौना)। लीबिया में आतंकियों के चंगुल में फंसे खड्डा क्षेत्र के मुन्ना चौहान सहित सात भारतीयों के एक माह बाद भी न छूटने से घरवाले परेशान हैं। शनिवार शाम ट्रेवेल एजेंट ने परिजनों को भरोसा दिया था कि कंपनी बंधकों को छुड़ाने के करीब हैै, लेकिन 20 घंटे बाद भी सुखद खबर नहीं मिली। परिजन सांसद विजय दूबे एवं पंकज चौधरी के माध्यम से विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगा चुके हैं।
लीबिया में आतंकियों के कब्जे में फंसे गड़हिया बसंतपुर गांव निवासी मुन्ना चौहान के परिजनों को रिहाई की खबर का इंतजार करते एक माह होने को है। मुन्ना 14 सितंबर को लीबिया की राजधानी त्रिपोली एयरपोर्ट के लिए निकले थे। इसकी जानकारी फोन करके घर पर दी थी। इस्तांबुल के रास्ते एयर फ्रांस के गोल्डेन फ्लाइट कंपनी के जहाज से 17 सितंबर को दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर रात 10:10 बजे उतरना था, लेकिन वह नहीं आए। परिजनों को 27 सितंबर को पता चला कि लीबिया में ही मुन्ना सहित सात भारतीयों का अपहरण फिरौती के लिए कर लिया गया है।
सांसद विजय दूबे व महराजगंज के सांसद पंकज चौधरी ने विदेश मंत्रालय से बंधकों के सुरक्षित वापसी हेतु मदद करने की पुरजोर मांग की है, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि किस आतंकी गुट ने अपहरण किया है।
शनिवार को जगी थी उम्मीद
मुन्ना के भतीजे पवन के मुताबिक शनिवार की शाम दिल्ली के ट्रेवेल एजेंट गौरव ने बताया कि मुन्ना सहित सभी को छुड़ाने के लिए कंपनी ने आतंकियों से बात कर ली है। उन्हें मुक्त कराने का मामला अंतिम दौर में है। कुछ घंटे में मुक्त होते ही मुन्ना घर पर फोन करेंगे। बीस घंटे हो गए, कोई खबर नहीं आई। पवन ने बताया कि सरकार की तरफ से भी कोई सूचना परिजनों को नहीं मिली है। मुन्ना की पत्नी संजू व तीन बच्चे और वृद्ध मां को अनहोनी का डर सता रहा है।