खड्डा। फर्जी परवाना को आधार बनाकर आईजीआरएस कर दबाव बनाने वाला सुखदेव (नाटे) तहसील प्रशासन के रडार पर है। महराजगंज और कुशीनगर जिले में तीन गांव में नाटे का ठिकाना है। इसे ट्रेस करने में तहसील प्रशासन जुटा है। एडीएम न्यायिक की जांच के बाद रजिस्ट्रार कानूनगो ने खड्डा थाने में सुखदेव समेत तीन लोगों के खिलाफ तहरीर दी है, हालांकि अभी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।
सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) गोरखपुर के कोर्ट से फर्जी परवाना भेजकर खड्डा तहसील के नदी उस पार बसंतपुर, शिवपुर, मरचहवा आदि गांव के राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कराने के लिए जालसाजी करने वाले सुखदेव पाल पुत्र गुरुचरन की पहचान तहसील प्रशासन ने कर ली है। इसने अपना तथा अपनी पत्नी कौशल्या व मृतक सर्वा की पत्नी प्रभावती का नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज कराने के लिए आईजीआरएस करने के अलावा संपूर्ण समाधान दिवस में आवेदन देकर राजस्व अभिलेख में नाम दर्ज कराने के लिए दबाव बनाता था। इतना ही नहीं फर्जी सत्यापन की रिपोर्ट भेज कर मालिकान रजिस्टर में नाम दर्ज करा लिया था।
एडीएम न्यायिक प्रेम कुमार राय ने शुक्रवार को तहसील पहुंचकर करीब चार घंटे तक जांच की। एडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने मालिकान रजिस्टर में दर्ज किए गए आदेश को निरस्त करा दिया है। इसके बाद रजिस्ट्रार कानूनगो अजित कुमार ने शनिवार को खड्डा थाने में सुखदेव व उसकी पत्नी कौशल्या तथा प्रभावती के खिलाफ खड्डा पुलिस को तहरीर दी है।
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सुखदेव उर्फ नाटे समय-समय पर बदलता है पता
खड्डा। सुखदेव पाल उर्फ नाटा पहले से ही राजस्व विभाग में गड़बड़ी करने के लिए कुख्यात रहा है। इसके गैंग में सोहगीबरवा निवासी मृत सर्वा सिंह के पुत्र विजय प्रताप सिंह सहित अन्य कई लोग शामिल हैं। सुखदेव समय समय पर अपना पता बदलता रहा है।
सुखदेव मूल रूप से तुर्कपट्टी क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है। बताया जाता है कि उसने अपने गांव के चकबंदी प्रक्रिया के दौरान राजस्व विभाग के साथ मिलकर गड़बड़ी की थी। वहां बदनाम होने के बाद वह खड्डा क्षेत्र के गंडक नदी पार शिवपुर ग्राम में आकर बस गया। इसके बाद रिकॉर्ड ऑपरेशन में इसने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया और लगभग तीस एकड़ जमीन का मालिक बन गया। इसने तमाम लोगों को यह भरोसा दिलाकर अपने गैंग में शामिल कर लिया कि राजस्व विभाग के कई जिम्मेदारों उसके करीबी हैं। करीब 25 से ज्यादा लोगों ने धन देकर फर्जी आदेश प्राप्त किया और इसी के सहारे नाम दर्ज कराने में जुट गया। सुखदेव ने एक बार फिर अपना निवास बदला और महराजगंज जनपद के सोहगीबरवा के नौकाटोला में घर बनाकर रहने लगा। इसके बाद, सोहगीबरवा के कुछ लोग इसके साथ जुड़कर जमीन नाम कराने का खेल खेलने लगे। इसी में एक नाम मृत सर्वा की पत्नी प्रभावती का भी है।
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मालिकान रजिस्टर में दर्ज किए गए आदेश को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है। इसमें सुखदेव पाल पुत्र गुरुचरन सहित तीन लोगों व अन्य के विरुद्ध रजिस्ट्रार कानूनगो ने खड्डा थाने में तहरीर दी है। मुकदमा दर्ज करा दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी ।
महेश कुमार, तहसीलदार