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Kushinagar News: खाड़ी देशों में फंसे अपनों की वापसी की राह देख रहीं आंखें

Mon, 09 Mar 2026 02:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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आबुधाबी के कम्पनी में कार्य करते रायपुर के मजदूर।स्रोत-सोशल मीडिया
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पडरौना। ईरान-इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के चलते खाड़ी देशों में फंसे लोगों की परिजनों की चिंता कम नहीं हो रही है। फंसे कामगारों व युवकों के साथ उनके परिजनों को भी घर वापसी के लिए बेचैनी कम नहीं हुई है।
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फंसे लोगों के परिजन सिर्फ फोन से बात कर अपने को तसल्ली दिला रहे हैं लेकिन वह उन्हें राहत नहीं दे पा रहा है। दिन की चैन व रात की नींद उड़ी हुई है। अपनों की सलामती के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं। संघर्ष को लेकर कोई राहत दिलाने वाली खबर नहीं मिल पा रही है। फंसे लोगों के परिजनों को कुछ राहत मिल सके।
अब हालात यह है कि खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध तनाव ने क्षेत्र के उन परिवारों की चिंता बढ़ा दी है, जिनके परिजन वहां काम के लिए प्रवास कर रहे हैं। फोन पर हुई बातचीत व संघर्ष की भयावहता से सहमे हुए हैं।
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कामगार बोले : रायपुर खास गांव के दुर्विजय गुप्ता दुबई में फंसे हैं। उन्होंने ने बताया कि दुबई के बुर्ज खलीफा, अल जुमेरा और अल जबल अली इलाकों में लगातार मिसाइलों से हमले हो रहे हैं। शनिवार रात में बुर्ज खलीफा के समीप अल जुमेरा इलाके में मिसाइल से हमला हुआ था। इससे कामगारों में भय का माहौल बना हुआ है। मोबाइल पर हाई अलर्ट के संदेश आ रहे हैं।
खाद्य सामान के दामों में वृद्धि हुई है। आलू पहले दो दिरहम प्रति किलो मिल रहा था, अब नौ दिरहम प्रति किलो हो गया है। वहीं, हरी सब्जियों की कीमत तीन दिरहम से बढ़कर नौ दिरहम प्रति किलो तक पहुंच गई है।
चंदन बरवा गांव निवासी मनीष विश्वकर्मा रियाद में फंसे हैं। बताया कि यहां अल खुरैस और अमेरिकी बेस कैंप के आसपास स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। रविवार को अल खुरैस स्थित अरामको कंपनी के ऑयल फैक्ट्री के पास मिसाइल गिरने की सूचना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। कंपनियों में काम कर रहे मजदूरों में भय और चिंता का माहौल है।
दोहा कतर में फंसे गगलवा चैन पट्टी के गुफरान ने बताया कि चल रहे संघर्ष का असर है। यहां शनिवार से बमबारी तेज हो गई है। इसको लेकर कंपनी की तरफ से दिशा-निर्देश दिया गया है और सुरक्षित बंकरों में रखा गया है, लेकिन बमबारी व मिसाइलों के हमलों से भय लग रहा है। अनहोनी की चिंता सता रही है। गगलवा चैन पट्टी निवासी तसरीफ अबू धाबी में फंसे हुए हैं। एक साल पहले घर से अबू धाबी गए थे, कंपनी में काम मिल गया था। कोई परेशानी नहीं थी,लेकिन जब से संघर्ष शुरू हुआ है तब से दिक्कतें हो रही हैं। सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए गए हैं लेकिन बमबारी हो रही है, जिससे खतरा बना हुआ है।
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