पडरौना। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में मरीज बढ़ रहे हैं। उन्हें आंखों में दर्द की शिकायत के साथ सिर दर्द भी हो रहा है। चिकित्सक की जांच में पता चला रहा है कि अधिकतर समस्याएं मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन के अधिक इस्तेमाल की वजह से हैं।
मंगलवार को मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर में आंखों में दर्द समेत अन्य बीमारी से पीड़ित 150 मरीजों का उपचार दिया गया। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर बताते हैं कि आंखों में जलन, खुजली, लालिमा और सिर दर्द जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वच्चों, बुजुर्गों और विशेष रूप से बाहर खुले में काम करने वाले लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। इसके साथ ही लैपटॉप और मोवाइल स्क्रीन अधिक देखने वाले भी आंखों से परेशान हो रहे हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष ने बताया कि जो लोग देर रात या घंटों मोबाइल या लैपटॉप चलाते हैं, उन्हें आंखों के दर्द के साथ सिर दर्द की भी दिक्कत हो रही है। इससे आंखों का लूब्रिकेशन कम हो जाता है। डिजिटल आई स्ट्रेन (कंप्यूटर विजन सिंड्रोम) की समस्या होने लगती है। इसके अलावा गर्मी की वजह से अन्य बीमारियों को लेकर मरीजों की संख्या में 30 से 40 फीसदी का इजाफा हुआ है। गर्म हवाओं के संपर्क में आने से आंखों की सतह पर मौजूद आंसुओं की पतली परत तेजी से सूख जाती है। इससे आंखों में सूखापन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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नेत्र रोग के प्रमुख कारण
- तेज धूप और अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणों का सीधा प्रभाव।
- आंखों को गंदे हाथों से बार-बार छूना या मलना।
- गर्म और शुष्क हवा के कारण आंखों की नमी कम होना।
- धूल, प्रदूषण और एलर्जेन के संपर्क में लगातार रहना।
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इन बातों का रखें ध्यान
- धूप में निकलते समय काले चश्मे का प्रयोग करें।
- आंखों को ठंडे और साफ पानी से समय-समय पर धोएं।
- पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए।