पडरौना। शहर के पूर्वी हिस्से की बाई पास सड़क की हालत नहीं सुधर रही है। इसके लिए कई बार आंदोलन हो चुका है। नेताओं से लेकर प्रशासनिक अफसर तक आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन सड़क की दशा पहले जैसी ही है। आलम यह है कि तीन किलोमीटर लंबे इस बाईपास मार्ग पर चार पहिया वाहन तो क्या बाइक व साइकिल से भी चलना मुश्किल है।
शहर का प्रमुख बाईपास मार्ग कठकुइयां रोड से पूर्वी रेलवे क्रासिंग को पार करते हुए बेलवा चुंगी चौराहा होते हुए जटहां मार्ग से जुड़ता है। इस रास्ते शहर में आने वाले भारी वाहनों के अलावा जटहां और बांसी के रास्ते बिहार प्रांत के लिए भी गाड़ियां जाती हैं। इस सड़क का कुछ हिस्सा रेलवे के अधीन है। शेष पडरौना नगर पालिका की निगरानी में है। रेलवे के हिस्से वाली सड़क बन नहीं रही है और नगर पालिका के हिस्से की सड़क पर मरम्मत का कार्य तक नहीं हो रहा है।
इस बाईपास सड़क का निर्माण वर्ष 2011 में कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर आमान परिवर्तन के बाद हुआ था। महज छह साल के बाद ही यह सड़क कई जगह टूट गई है। गड्ढों की वजह से अक्सर इस पर बड़े वाहन भी फंस जाते हैं। बरसात होने पर इसकी दशा और बिगड़ जाती है। जब भी यहां के लोग सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन करते हैं तो प्रशासनिक अफसर उन्हें जल्दी निर्माण का आश्वासन देकर शांत करा देते हैं।
कठकुइयां मोड़ से निकलकर भूतनाथ कालोनी होते हुए जटहां मार्ग को जोड़ने वाला बाईपास मार्ग भूतनाथ कालोनी के मोड़ पर ही क्षतिग्रस्त है। मोड़ पर कई बार मालवाहक पलटने से भी बचे हैं। पूर्वी रेलवे क्रासिंग पर सड़क में लगभग तीन फीट नीचे तक गड्ढे बन गए हैं। इस वजह से बड़ी गाड़ियां इस रास्ते नहीं जातीं। बरसात के समय बाइक सवार भी इसमें गिरकर घायल हो जाते हैं। रेलवे स्टेशन रोड से बेलवा चुंगी की तरफ भी सड़क का आधा हिस्सा टूट चुका है।
जमालपुर
बाई पास सड़क की बदहाल दशा सुधारने के लिए प्रयास किया जाएगा। पेयजल सप्लाई की पाइप फटी होने की वजह से सड़क पर पानी जमा हो गया था। इसे ठीक करा दिया गया है। सड़क निर्माण के लिए गोरखपुर में मुख्यमंत्री से मिलकर मांग पत्र दिया गया है।